Noida Authority: बारिश के बाद शहर की सड़कों पर जलभराव और जगह-जगह फैले कचरे ने नोएडा प्राधिकरण की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। नागरिकों की लगातार शिकायतों के बाद प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। 30% काम अधूरा जानकारी के अनुसार, प्राधिकरण ने मानसून से पहले 15 जुलाई तक सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, समीक्षा बैठक में सामने आया कि निर्धारित समय सीमा के बावजूद करीब 30 प्रतिशत सफाई कार्य अधूरा पड़ा है। इसके चलते कई इलाकों में बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और गंदगी की समस्या बढ़ गई। प्राधिकरण का सख्त एक्शन लापरवाही सामने आने के बाद प्राधिकरण ने जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की। जीएम सिविल एस.पी. सिंह के आदेश पर तीन सुपरवाइजरों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा 3 मैनेजर और 5 जूनियर इंजीनियरों का एक महीने का वेतन काटने का निर्णय लिया गया। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में जलभराव और सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी नालों की सफाई जल्द पूरी कराई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने पाए। CEO की सीधी निगरानी इस कार्रवाई के बाद प्राधिकरण ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मानसून के दौरान नागरिक सुविधाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सफाई और जलभराव पर नजर रखने के लिए दो नोडल अधिकारी नियुक्त हुए। OSD इंदु प्रकाश सर्किल 1 से 5 और GM आर.एस. यादव सर्किल 6 से 10 देखेंगे। दोनों सीधे CEO को रिपोर्ट देंगे। प्राधिकरण ने कहा, आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। रिपोर्ट- हिमांशु सिंह ये भी पढ़ें: फर्जी दस्तावेजों से टेंडर हासिल करने का आरोप, इंडोर स्टेडियम संचालन पर उठे सवाल