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सरकार और CJP की बैठक में क्या निकला नतीजा, दो मांगों पर बनी सहमति, लेकिन एक फैसले पर अब भी टकराव!

NEET-2026 विवाद पर CJP और सरकार की बैठक में मुआवजा व FIR वापसी पर सकारात्मक संकेत मिले, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सहमति नहीं बन सकी।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Meeting Between Government-CJP: NEET-2026 पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच अहम बैठक हुई। करीब 10 मिनट तक चली इस बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद दोनों पक्षों के बयान से साफ हुआ कि तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक प्रगति हुई है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है।

बैठक में कौन-कौन रहे शामिल

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए, जबकि सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया। बैठक के बाद CJP नेताओं ने कहा कि सरकार ने कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा अभी भी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आशुतोष रांका ने कहा कि देशभर के युवाओं में NEET पेपर लीक को लेकर गहरा आक्रोश है और उनकी भावना स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार के साथ विस्तार से चर्चा हुई है, लेकिन अंतिम निर्णय के लिए सरकार ने अगले दिन दोपहर तक का समय मांगा है। CJP का कहना है कि यदि सरकार इस मांग पर फैसला नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर अगली रणनीति तैयार की जाएगी।

दो मांगों पर सरकार का सकारात्मक संकेत

बैठक के दौरान सरकार ने दो अन्य मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया। पहली, NEET पेपर लीक के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर विचार करने का भरोसा दिया गया। दूसरी, प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की मांग पर भी सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए। CJP नेताओं का कहना है कि सरकार ने इन दोनों मुद्दों पर सिद्धांततः सहमति जताई है और अगली बैठक में इस संबंध में औपचारिक जानकारी दी जा सकती है।

जेपी नड्डा ने क्या कहा?

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पांच सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है और अगले दौर की बैठक में अपना विस्तृत पक्ष रखेगी।

ये हैं CJP की मुख्य मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, NEET-2026 पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से हटाया जाए। दूसरी, पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। तीसरी, आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। इसके अलावा CJP ने यह भी मांग की है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर भारत सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।

अगली बैठक का इंतजार

अब सभी की निगाहें सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सरकार का फैसला ही यह तय करेगा कि आंदोलन शांत होगा या आने वाले दिनों में और तेज़ हो जाएगा।

ये भी पढ़ें: शिक्षा सचिव का ट्रांसफर, सिर्फ चेहरा बदलने से बदलेगी व्यवस्था और क्या इससे तय होगी पेपर लीक की जवाबदेही?

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