Noida News: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 में लापरवाही की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सवाल यह है कि आखिर शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? यह तस्वीर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1, सेंट जोसेफ स्कूल के पास 60 मीटर रोड और बीटा डिवाइडिंग क्षेत्र की है, जहां खुले नाले और नालियां लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। खतरे में राहगीरों की सुरक्षा रोज़ाना इस रास्ते से स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और हजारों राहगीर गुजरते हैं। लेकिन नालों के ऊपर न तो कोई मजबूत ढक्कन है और न ही सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल या रेलिंग की व्यवस्था। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। शिकायतों पर नहीं कार्रवाई लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के डिवीजन-5 के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश निम और सहायक प्रबंधक कुलदीप शर्मा को पिछले 12 दिनों में कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक केवल औपचारिकता निभाई गई। समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई करेगा? या फिर समय रहते इन खुले नालों को सुरक्षित बनाकर लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी? ये भी पढ़ें: 7 निजी स्कूलों पर एक-एक लाख का जुर्माना, तय सीमा से ज्यादा बढ़ाई फीस