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14वें दिन भी जारी है छात्र आंदोलन, भूख हड़ताल से बिगड़ी छात्र नेता की तबीयत, विधानसभा घेराव की तैयारी

रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है। भूख हड़ताल पर बैठे राहुल की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब और तेज होता जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अभ्यर्थियों का सत्याग्रह शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। सरकार की ओर से बातचीत का संकेत मिलने के बावजूद अब तक छात्र प्रतिनिधियों को औपचारिक वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया है, जिससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई है।

छात्र नेता राहुल की बिगड़ी तबियत

इसी बीच आंदोलन को बड़ा झटका तब लगा, जब पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ गई। कमजोरी और तेज बुखार की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। इसके बावजूद आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं।

CBI जांच और कार्रवाई की मांग

छात्रों का आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और जिम्मेदारी तय की जाए। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से सीधे संवाद की भी मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार के साथ होने वाली बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई जा रही है।

विधानसभा घेराव की तैयारी

वामपंथी छात्र संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन देते हुए विधानसभा घेराव का आह्वान किया है। इसे देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने आंदोलन स्थल पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और उनके आंदोलन को समर्थन देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को विधानसभा के भीतर भी मजबूती से उठाया जाएगा।

अब सभी की निगाहें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बातचीत का परिणाम ही आंदोलन की आगे की दिशा तय करेगा।

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