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रांची में छात्रों का हल्लाबोल! बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, कंधों पर पहुंचे देवेंद्र महतो

रांची में छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा की ओर मार्च किया। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो को कंधों पर ले जाया गया। JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग जारी रही।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Ranchi Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। विधानसभा घेराव के लिए जुटे प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी।आंदोलन की सबसे भावुक तस्वीर उस समय सामने आई, जब लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो भी छात्रों के मार्च में शामिल हुए। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत कमजोर बताई जा रही है और वह खुद चलने की स्थिति में नहीं थे। ऐसे में समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठाकर मार्च में शामिल कराया।

कंधों पर उठाकर ले गए समर्थक

देवेंद्रनाथ महतो को स्ट्रेचर के जरिए भी ले जाया गया। छात्रों और समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान महतो ने तिरंगा लहराकर आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। महतो पिछले कई दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि छात्रों की प्रमुख मांगों पर सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए। स्वास्थ्य कमजोर होने के बावजूद मार्च में उनकी मौजूदगी ने प्रदर्शनकारियों के उत्साह को बढ़ाया।

JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग

वहीं, JLKM विधायक जयराम कुमार महतो ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों की कई मांगें सरकार ने स्वीकार की हैं, जिसके लिए उन्होंने सरकार का आभार जताया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मांग अभी भी लंबित है। जयराम महतो के मुताबिक छात्रों की प्रमुख मांग JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी परीक्षा में सबसे अधिक अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।

आंदोलन पर नजर

विधायक ने दावा किया कि अभय तिवारी ने कथित तौर पर करीब 400 अभ्यर्थियों का चयन कराने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे गंभीर आरोप सामने आए हैं तो सरकार को परीक्षा की निष्पक्ष जांच कराने और इसे रद्द करने की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन जारी है। बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश और देवेंद्र महतो की कमजोर हालत के बीच प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की बड़ी चुनौती है।

ये भी पढ़ें: 1500 जवान, ड्रोन और बैरिकेडिंग के बीच छात्रों का विधानसभा घेराव आज, रांची में हाई अलर्ट

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