Samay Rain: स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना और उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' से जुड़े चार अन्य लोगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने दिव्यांग व्यक्तियों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और संबंधित आपराधिक कार्यवाहियों को रद्द कर दिया। हालांकि, अदालत ने साफ किया कि इस मामले से जुड़े बड़े मुद्दे पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट की सराहना प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि समय रैना और अन्य आरोपियों ने अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए और सहायता राशि जुटाने के लिए ईमानदार प्रयास किए हैं। अदालत ने उनकी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सकारात्मक दिशा में किए गए प्रयास समाज में बेहतर परिणाम ला सकते हैं। पहले लगा था जुर्माना समय रैना के साथ विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर (सोनाली आदित्य देसाई) और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी भी रद्द कर दी गई। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और निर्देशों के पालन में देरी पर नाराजगी भी जताई थी। दिव्यांगों पर दिशा-निर्देश यह मामला क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका के बाद सामने आया था। संस्था ने आरोप लगाया था कि शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी और दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियां की गईं, जिससे उनकी गरिमा प्रभावित हुई। हालांकि एफआईआर रद्द कर दी गई हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले के व्यापक पहलू पर सुनवाई जारी रखेगा। अदालत यह तय करना चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े कंटेंट के लिए भविष्य में किस तरह के दिशा-निर्देश या सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं। रणवीर को मिली राहत गौरतलब है कि यह विवाद 14 नवंबर 2024 को मुंबई में रिकॉर्ड किए गए 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के एक एपिसोड के बाद शुरू हुआ था। इसी मामले में यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया की याचिका अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जबकि उन्हें पहले अंतरिम गिरफ्तारी से राहत मिल चुकी है। ये भी पढ़ें: 12वें दिन भी नहीं थमा ‘स्पाइडर-मैन’ का तूफान, 500 करोड़ पार कर रचा नया रिकॉर्ड!