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रेल यात्रियों की सेहत पर बड़ा सवाल! स्टेशनों के पानी में मिला E. Coli, CAG रिपोर्ट ने खोली सुविधाओं की पोल

CAG रिपोर्ट ने रेलवे स्टेशनों की बदहाली उजागर की। कई जगह पानी में E. Coli मिला, जबकि 89% स्टेशनों पर बुनियादी यात्री सुविधाएं मानकों से कम पाई गईं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Indian Railways CAG Report: देशभर में रोजाना करोड़ों यात्रियों को सफर कराने वाली भारतीय रेलवे की यात्री सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था पर CAG की रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के प्रदर्शन ऑडिट में कई जगह पेयजल की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं में बड़ी कमियां सामने आई हैं।

पानी में मिला E. Coli और कोलीफॉर्म

CAG के ऑडिट में कई स्टेशनों के वाटर कूलर और नलों से लिए गए पानी के नमूनों में E. Coli और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ स्टेशनों पर पेयजल की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच तक नहीं कराई गई थी। जांच में मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), कल्याण, लोनावाला और भिवंडी रोड समेत कई स्टेशनों के पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठे। दक्षिण रेलवे के कुछ स्टेशनों और हैदराबाद स्टेशन के पानी के नमूनों में भी E. Coli की मौजूदगी दर्ज की गई।

2,035 स्टेशनों पर पानी के नलों की कमी

रिपोर्ट में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए उपलब्ध दूसरी सुविधाओं में भी कमियां बताई गई हैं। रेलवे के Passenger Amenities Management System (PAMS) के आंकड़ों के अनुसार, 2,035 स्टेशनों पर निर्धारित मानकों के मुकाबले पानी के नलों की कमी थी। वहीं 403 स्टेशनों पर पर्याप्त यूरिनल और 201 स्टेशनों पर आवश्यक संख्या में शौचालय उपलब्ध नहीं थे।

89 % स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी

CAG की जांच में शामिल 512 स्टेशनों में से करीब 89 फीसदी यानी 458 स्टेशन ऐसे पाए गए, जहां न्यूनतम आवश्यक यात्री सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं थीं या तय मानकों से कम थीं। इनमें पेयजल, बैठने की व्यवस्था, शेड, शौचालय, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल हैं। रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यात्रियों के लिए तय सुविधाओं की उपलब्धता और रखरखाव में रेलवे के निर्धारित मानकों और जमीनी स्थिति के बीच बड़ा अंतर है।

दिए सुधार के निर्देश

CAG ने रेलवे प्रशासन से पेयजल की गुणवत्ता और स्टेशन सुविधाओं की नियमित निगरानी मजबूत करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में पानी की जांच, आपूर्ति व्यवस्था और स्वच्छता पर लगातार निगरानी रखने पर जोर दिया गया है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिल सकें। अब सवाल यही है कि करोड़ों यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी इन कमियों को रेलवे प्रशासन कितनी तेजी से दूर करता है।

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