Mallikarjun Kharge: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को बीच में रोकने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी टकराव में बदलता नजर आ रहा है। भाजपा की ओर से शिकायत दर्ज कराने की बात के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखा जवाब देते हुए भाजपा पर ही सवाल खड़े कर दिए। खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसे गलत कहा जा सके। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में वही वंदे मातरम गाया गया, जिसे महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के दौर में भी गाया जाता रहा है। 'तो गांधी-नेहरू पर भी केस करिए' खरगे ने भाजपा के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वंदे मातरम के इस तरीके से गाए जाने को अपराध माना जा रहा है, तो क्या उन नेताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा, जिन्होंने इसी परंपरा के तहत इसे गाया था। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को इतिहास की जानकारी नहीं है। खरगे के मुताबिक, कांग्रेस ने आजादी से पहले ही वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा देने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया था। इसलिए कांग्रेस को इस मुद्दे पर ज्ञान देने की जरूरत नहीं है। '90 साल से यही वंदे मातरम गाते आए हैं' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी लंबे समय से वंदे मातरम के इसी स्वरूप को गाती रही है। उन्होंने सवाल किया कि केवल किसी राजनीतिक दल के कहने से कोई बात कानून नहीं बन जाती। खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा हर मुद्दे को अपनी राजनीतिक व्याख्या के अनुसार देखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने पर नियम और परंपराएं मनमाने तरीके से नहीं बदली जा सकतीं। राहुल-सोनिया का वीडियो भी बना विवाद की वजह दरअसल, 15 अगस्त को सामने आए एक वीडियो के बाद विवाद बढ़ा था। इसमें वंदे मातरम के दो छंदों के बाद भी गीत जारी रहने पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी की आपत्ति दिखाई देने का दावा किया गया। भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। अब खरगे के बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। ये भी पढ़ें: UGC-NET विवाद के बाद NTA का बड़ा एक्शन, 50 से ज्यादा कर्मचारी हटाए