Ghazipur News: माफिया डॉन स्व. मुख्तार अंसारी के परिवार के लिए राहत भरी खबर आई है। उनके चचेरे भाई और बेहद करीबी मंसूर अंसारी की 18 दुकानें आखिरकार 3 साल बाद प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर खोल दीं। बुधवार देर शाम हुई इस कार्रवाई के बाद दुकानदारों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। कोर्ट ने कुर्की रद्द की मामला मोहम्मदाबाद नगर के हृदय स्थल डॉक्टर अंसारी रोड स्थित अफजाल अंसारी कटरा का है। इस कटरे में मौजूद 18 दुकानों को पुलिस-प्रशासन ने 26 मार्च 2023 को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई करते हुए सील कर दिया था। प्रशासन का आरोप था कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से बनाई गई हैं और इसका संबंध मंसूर अंसारी पुत्र खुर्शेदुल हक अंसारी से है, जो मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई हैं। कुर्की के बाद से मंसूर अंसारी लगातार न्यायालय में अपनी संपत्ति को वैध बताते हुए लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने कोर्ट में दस्तावेज पेश किए। अंततः कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुर्की को निरस्त कर दुकानें वापस सौंपने का आदेश दिया। 18 दुकानों के खुले ताले कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बुधवार देर शाम तहसीलदार मोहम्मदाबाद, कोतवाली प्रभारी मोहम्मदाबाद मय पुलिस फोर्स के साथ अफजाल अंसारी कटरा पहुंचे। वहां पूरे विधि-विधान से मंसूर अंसारी को दाखिलानामा के कागजात सौंपे गए और एक-एक कर 18 दुकानों के सील ताले खोले गए। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। जैसे ही दुकानों के शटर उठे, वहां किराए पर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। तीन साल से उनका व्यवसाय बंद था। कोर्ट से मिली राहत वहीं मंसूर अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। आज सत्य की जीत हुई है। यह न्याय की जीत है। कोर्ट ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया। गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी की मौत के बाद से उनके परिवार की संपत्तियों पर हुई कुर्की के कई मामलों में कोर्ट से राहत मिलने लगी है। यह मामला भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है। ये भी पढ़ें: कोर्ट में लंबित केस हैं? 12 सितंबर को लोक अदालत में मिलेगा समाधान