BRICS Summit: BRICS देशों के बीच व्यापार को आसान और तेज बनाने के लिए भारत ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सदस्य और पार्टनर देशों से बाजारों को ज्यादा खोलने, गैर-टैरिफ बाधाएं घटाने और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की अपील की। नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum 2026 में गोयल ने कहा कि सदस्य देशों के बीच व्यापार ऐसा होना चाहिए, जिसमें भरोसा और पारदर्शिता बढ़े। उन्होंने कच्चे माल, जरूरी खनिजों और अन्य उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया। साथ ही कस्टम क्लीयरेंस और व्यापार से जुड़े नियमों को सरल करने की जरूरत बताई। टैरिफ नहीं नियमों की जटिलता भी चुनौती गोयल के मुताबिक व्यापार में सिर्फ आयात शुल्क बड़ी बाधा नहीं है। जटिल नियम, मंजूरियां और अलग-अलग प्रक्रियाएं भी कारोबार की लागत बढ़ाती हैं। उन्होंने BRICS देशों से ऐसी गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने की अपील की, ताकि कंपनियां आसानी से एक-दूसरे के बाजार में पहुंच सकें। भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। गोयल ने कहा कि BRICS देश वैश्विक व्यापार में करीब एक चौथाई हिस्सेदारी रखते हैं और दुनिया की लगभग आधी आबादी तथा करीब 40 फीसदी वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करते हैं। UPI और स्थानीय मुद्रा पर फोकस भारत ने सीमा पार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI का उदाहरण सामने रखा। गोयल ने बताया कि UPI अब 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने BRICS देशों से अपने-अपने पेमेंट सिस्टम को जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ाने का सुझाव दिया। उनके अनुसार, भारत में हर साल UPI के जरिए 250 अरब से अधिक लेनदेन होते हैं। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ने से भुगतान प्रक्रिया आसान होने और पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता घटने की उम्मीद है। प्रोफेशनल्स और कारोबार के लिए आसान रास्ता गोयल ने BRICS देशों में पेशेवरों की आवाजाही आसान बनाने की भी बात कही। उन्होंने डिग्री और पेशेवर योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता को सरल करने तथा सर्विस सेक्टर में कारोबार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। ऑटो, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स में संभावनाएं भारत ने इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं जताई हैं। गोयल ने BRICS देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़ने और एग्री-टेक, खाद्य सुरक्षा व नई तकनीक के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव रखा। ये भी पढ़ें: नीला रंग पहनने से नहीं बदलेगी सोच… मायावती का सपा-कांग्रेस पर तंज, समधी अशोक सिद्धार्थ पर भी निशाना