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5 महीने की रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद बाजार की अगली चाल क्या होगी? सेंसेक्स-निफ्टी ने दिए बड़े संकेत, निवेशकों की बढ़ीं उम्मीदें

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (4 अगस्त) को कारोबार की शुरुआत उत्साह और सतर्कता के मिले-जुले माहौल के साथ हुई। सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में शानदार तेजी दर्ज करने के बाद बाजार पांच महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुआ था। उसी सकारात्मक रुख का असर मंगलवार सुबह भी देखने को मिला, हालांकि शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की चाल अलग-अलग रही।

शुरुआत में सेंसेक्स मजबूत, निफ्टी पर हल्का दबाव

कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 493.94 अंकों यानी 0.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,132.97 के स्तर पर खुला। दूसरी ओर एनएसई निफ्टी 50 शुरुआती कारोबार में 70.40 अंकों की गिरावट के साथ 24,703.90 पर खुला।

सोमवार को बाजार ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सेंसेक्स को 78,639.03 और निफ्टी को 24,774.30 के स्तर पर बंद कराया था। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों का पिछले पांच महीनों का सबसे ऊंचा क्लोजिंग स्तर था।

गिफ्ट निफ्टी ने पहले ही दिए थे सकारात्मक संकेत

मंगलवार के कारोबार से पहले गिफ्ट निफ्टी ने बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दिए थे। यह पिछले बंद स्तर की तुलना में बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे निवेशकों को उम्मीद थी कि घरेलू बाजार मजबूत शुरुआत कर सकता है। हालांकि, शुरुआती कारोबार में निफ्टी पर हल्का दबाव देखने को मिला, लेकिन सेंसेक्स की मजबूती ने बाजार के सकारात्मक माहौल को बनाए रखा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी

केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली।

बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स भी करीब 0.68 प्रतिशत मजबूत होकर कारोबार करता दिखाई दिया।

बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी सकारात्मक रही। एनएसई पर बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से अधिक रही, जो यह संकेत देती है कि खरीदारी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि व्यापक स्तर पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ था।

एफआईआई और डीआईआई की लगातार खरीदारी बनी बड़ी ताकत

बाजार की मजबूती के पीछे सबसे अहम वजह विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी मानी जा रही है।

1 अगस्त को:

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 922.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी लगभग 1,517 करोड़ रुपये का निवेश किया।

एफआईआई की लगातार छठे कारोबारी सत्र में खरीदारी यह संकेत देती है कि विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर भरोसा मजबूत बना हुआ है। वहीं डीआईआई की सक्रिय भागीदारी घरेलू बाजार को अतिरिक्त समर्थन दे रही है।

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत

एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को मिश्रित रुख देखने को मिला।

जापान का निक्केई 225 गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी लाल निशान में रहा।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
वहीं चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बना रहा।

विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजार अभी भी आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं, जिसकी वजह से एशियाई बाजारों में एकरूपता देखने को नहीं मिली।

पश्चिम एशिया में तनाव घटने से मिला समर्थन

सोमवार को भारतीय बाजार में आई बड़ी तेजी के पीछे पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होना भी एक प्रमुख कारण रहा।

तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए राहत का माहौल बना। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर निवेशकों के भरोसे पर भी सकारात्मक रूप से पड़ा और बाजार में खरीदारी बढ़ी।

इसी का परिणाम रहा कि सोमवार को:

सेंसेक्स लगभग 544 अंक उछलकर पांच महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया।
निफ्टी ने भी शानदार छलांग लगाते हुए महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया।

आगे बाजार किस दिशा में जाएगा?

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी।

इनमें प्रमुख हैं:

अमेरिकी कंपनियों के तिमाही नतीजे
वैश्विक आर्थिक संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रदर्शन
विदेशी निवेशकों का रुख
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
भारतीय कंपनियों के वित्तीय परिणाम

यदि एफआईआई और डीआईआई की खरीदारी इसी तरह जारी रहती है और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि, हालिया तेज उछाल के बाद कुछ निवेशक मुनाफावसूली भी कर सकते हैं, जिससे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?

फिलहाल बाजार का समग्र रुख सकारात्मक दिखाई दे रहा है। मजबूत संस्थागत निवेश, ब्रॉडर मार्केट में खरीदारी और बेहतर निवेशक भावना बाजार को समर्थन दे रही है। वहीं वैश्विक संकेतों और आगामी कॉरपोरेट नतीजों पर नजर बनाए रखना भी जरूरी होगा, क्योंकि यही आने वाले दिनों में बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह समाचार केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें। यह किसी भी प्रकार की निवेश संबंधी सलाह नहीं है।

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