Amravati Hospital Fire: महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (SNCU/NICU) में करीब सुबह 3:30 बजे वेंटिलेटर में अचानक विस्फोट हो गया। इसके बाद वार्ड में भीषण आग फैल गई। हादसे में तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई, जबकि अस्पतालकर्मियों की तत्परता से 36 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 39 नवजात थे भर्ती घटना के समय वार्ड में कुल 39 नवजात बच्चे भर्ती थे। आग लगते ही डॉक्टरों, नर्सों और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। धुएं और आग के बीच बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इनमें से छह नवजातों को आगे के उपचार के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। https://twitter.com/ANI/status/2091716448859418727 सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। तीन मासूमों की मौत से परिजनों में गहरा आक्रोश और दुख है। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वेंटिलेटर में विस्फोट की वजह क्या थी, उपकरण कितना पुराना था और उसमें तकनीकी खराबी पहले से थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। फायर ब्रिगेड के घटनास्थल तक पहुंचने में कितना समय लगा, इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के आदेश दिए मौके पर डीसीपी समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाई। जिस अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में हादसा हुआ, उसका उद्घाटन दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने किया था। ऐसे में नए अस्पताल में हुई इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जिले के पालकमंत्री और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। सरकार ने मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया और स्वास्थ्य प्रशासन को **उच्चस्तरीय जांच** के निर्देश दिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को अमरावती जाकर घटनास्थल का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार मृत बच्चों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी, जबकि घायल बच्चों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वेंटिलेटर में ऐसा क्या हुआ, जिससे अस्पताल की NICU में आग भड़क उठी? जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी। ये भी पढ़ें: 19 दिन से अनशन, फिर सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी… पटना में लोकभवन मार्च के दौरान पुलिस से भिड़ंत