Delhi-NCR Air Pollution: दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर बिगड़ने लगी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण स्थलों, सड़कों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्ती बढ़ाई जाएगी। एक दिन में 65 अंक बढ़ा AQI CAQM के 21 अक्टूबर को जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली का AQI 20 अक्टूबर को 179 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। अगले ही दिन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक यह बढ़कर 244 पहुंच गया। यानी महज 24 घंटे में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 65 अंकों की बढ़ोतरी हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका जताई गई। इसके बाद आयोग की उप-समिति ने स्थिति की समीक्षा कर पूरे NCR में GRAP-1 लागू करने का फैसला लिया। GRAP-1 में किन नियमों का करना होगा पालन? प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों को कई उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थलों पर निगरानी: धूल को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन और अन्य जरूरी उपायों का इस्तेमाल। सड़कों की सफाई: मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव। कचरा जलाने पर रोक: खुले में कचरा और पत्तियां जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई। तंदूर के इस्तेमाल पर नियंत्रण: निर्धारित नियमों के तहत होटल और ढाबों में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक। वाहनों की जांच: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) की जांच तेज करने और नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई। नियमों के उल्लंघन पर लागू प्रावधानों के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है। कुछ वाहन उल्लंघनों में चालान 10,000 रुपये तक हो सकता है। पर्यावरण मंत्री ने क्या कहा? दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि GRAP-1 की पाबंदियों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय बढ़ाए गए हैं। आगे बढ़ सकती हैं पाबंदियां CAQM ने दिल्ली-NCR की संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण पर लगातार नजर रखने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। यदि वायु गुणवत्ता और बिगड़ती है, तो स्थिति की समीक्षा के बाद GRAP के अगले चरणों के उपाय लागू किए जा सकते हैं। फिलहाल, दिल्ली-NCR में प्रदूषण को नियंत्रित करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। ये भी पढ़ें: नोएडा एलिवेटेड रोड पर फिर धंसी सड़क, आखिर मरम्मत के बाद भी क्यों नहीं थम रहे गड्ढे?