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संसद में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन! राहुल-प्रियंका के मार्च से बढ़ा सियासी ताप, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

संसद परिसर में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने विरोध मार्च निकाला। छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार से जवाबदेही व निष्पक्ष जांच की मांग की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Opposition March: संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ संसद परिसर में जोरदार विरोध मार्च निकाला। यह मार्च प्रेरणा स्थल स्थित गांधी प्रतिमा से शुरू होकर मकर द्वार तक पहुंचा, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता शामिल रहे।

सरकार पर तीखा हमला

विपक्ष ने हालिया घटनाओं को लेकर सरकार को घेरते हुए छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं और अन्य मुद्दों पर सवाल उठाए। मार्च के दौरान सांसदों ने नारेबाजी करते हुए इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस का व्यवहार उचित नहीं था और पूरे मामले की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

प्रियंका की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों की जनता के प्रति जवाबदेही होती है। यदि छात्रों पर बल प्रयोग, पैलेट गन का इस्तेमाल, आंसू गैस छोड़े जाने या लाठीचार्ज जैसी घटनाएं हुई हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।

हिंसा पर विरोध

कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने भी प्रदर्शन के दौरान कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी, लेकिन उनके साथ कथित तौर पर हिंसक व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पैलेट गन चलाने, गंभीर चोटें पहुंचाने और बल प्रयोग जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र में विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाना स्वीकार्य नहीं है।

सियासी टकराव तेज

इस पूरे विरोध मार्च के दौरान संसद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी रही। विपक्ष ने संकेत दिया कि वह इन मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाता रहेगा, जिससे मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

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