Pune Building Collapse: महाराष्ट्र के पुणे जिले से बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत के पास मौजूद पुराने कचरे का विशाल ढेर लगातार बारिश के कारण खिसककर भवन पर आ गिरा, जिससे पूरी इमारत कुछ ही पलों में मलबे में तब्दील हो गई। आशंका है कि हादसे के वक्त भवन के अंदर 15 से अधिक लोग मौजूद थे, जो मलबे में फंस गए। कचरे का ढेर बना हादसे की वजह पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के आयुक्त विजय सूर्यवंशी के अनुसार, यह प्रशासनिक भवन पुराने कचरा डिपो के बिल्कुल समीप बनाया गया था। लगातार हो रही तेज बारिश के चलते कचरे का ऊंचा ढेर कमजोर पड़ गया और अचानक इमारत की ओर खिसक गया। भारी दबाव पड़ते ही तीन मंजिला भवन पूरी तरह धराशायी हो गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह भवन एक निजी कंपनी का प्रशासनिक कार्यालय था, जो नगर निगम की ओर से कचरे के प्रसंस्करण और निपटान का कार्य संभाल रही थी। अधिकारियों का अनुमान है कि हादसे के समय कंपनी के करीब 16 कर्मचारी कार्यालय के भीतर मौजूद थे। युद्धस्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। कुछ ही देर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम भी राहत और बचाव अभियान में शामिल हो गई। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान अभी जारी है और इसके पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और हादसे में कितना नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर जारी इस हादसे के बीच मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मुंबई, मुंबई उपनगर, ठाणे और नासिक के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि पालघर, रायगढ़, पुणे घाट, नासिक घाट और सतारा घाट क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी है।लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव और इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की सभी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। फिलहाल मोशी में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। पूरे इलाके की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और इस दर्दनाक हादसे में किसी और जान का नुकसान न हो। ये भी पढें: दिल्ली-NCR में बारिश बनी आफत! सड़कें बनीं तालाब, जलभराव और जाम से थमी रफ्तार