Ranchi Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच कराने का भरोसा दिया और कहा कि छात्रों की अधिकांश मांगों पर सरकार ने सकारात्मक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा का सत्र 12 अगस्त तक प्रस्तावित था, लेकिन एक दिन पहले ही कार्यवाही समाप्त कर दी गई। परीक्षा गड़बड़ी पर जांच का भरोसा हेमंत सोरेन ने कहा कि JPSC से लेकर CGL समेत जिन प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ की TDPL कंपनी ने बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों के साथ मिलकर झारखंड में आयोजित परीक्षाओं में गड़बड़ी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए IIT के विशेषज्ञों से सलाह लेने की योजना है। https://twitter.com/HemantSorenJMM/status/2087120646040060093 छात्रों के प्रदर्शन पर विधानसभा में हंगामा झारखंड में छात्र 25 जुलाई से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर मार्च करने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों के घायल होने का दावा किया गया। वहीं पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 14 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। भाजपा ने सरकार को घेरा मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विपक्षी विधायक सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले पर जवाब मांगा। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। छात्रों के मुद्दे पर राजनीति हो रही अपने संबोधन में हेमंत सोरेन ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत का रास्ता अपनाया और परीक्षा सुधार से जुड़ी उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बाकी मांगों पर भी विचार किया जाएगा। प्रमुख मांगें क्या हैं? आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार, कथित गड़बड़ी वाली परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। छात्र चाहते हैं कि जांच CBI या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार की जांच में परीक्षा गड़बड़ी को लेकर क्या सामने आता है और आंदोलन कर रहे छात्रों की बाकी मांगों पर कितना अमल होता है। ये भी पढ़ें: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड बंद, अब BJP और सरकार आमने-सामने