Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत के निशानेबाजों ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई। शुक्रवार को महज दो मिनट के अंतराल में भारतीय टीम ने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। इन दोनों पदकों ने भारत की पदक तालिका में स्थिति भी बेहतर की। सबसे पहले पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने सिल्वर जीता। इसके तुरंत बाद कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड पर कब्जा जमाया। शूटिंग अब तक एशियन गेम्स में भारत के लिए सबसे सफल खेलों में शामिल रहा है। आइए जानते हैं इन पांचों निशानेबाजों की कहानी और उपलब्धियां। कमलजीत: चोट ने बदला करियर का रास्ता हरियाणा के रेवाड़ी के सुलखा गांव के रहने वाले कमलजीत 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने 2019 में शूटिंग शुरू की। इससे पहले वह ट्रैक एंड फील्ड एथलेटिक्स से जुड़े थे, लेकिन चोट के कारण उन्हें अपना खेल बदलना पड़ा। शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियां भी सामने आईं। कोचिंग और प्रतियोगिताओं का खर्च संभालना आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। 2023 में चांगवोन में ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल जूनियर स्पर्धा का गोल्ड उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। सुरुचि सिंह: 13 साल की उम्र में शुरू की शूटिंग हरियाणा के झज्जर की रहने वाली सुरुचि सिंह का जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ। खेल परिवार से आने वाली सुरुचि ने शुरुआत में रेसलिंग की ओर रुख किया, लेकिन 13 साल की उम्र में शूटिंग को अपना करियर बनाया। उन्होंने भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण लिया। 2025 में उन्होंने ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में लगातार तीन ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड जीते। उसी साल दोहा में वर्ल्ड कप फाइनल में 10 मीटर एयर पिस्टल का गोल्ड भी हासिल किया। 2026 में म्यूनिख वर्ल्ड कप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। नीरज कुमार: राइफल 3 पोजीशन के विशेषज्ञ 21 जनवरी 2000 को जन्मे नीरज कुमार 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन के विशेषज्ञ हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत की है। 2022 ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में काहिरा में उन्होंने टीम ब्रॉन्ज जीता था। इसके बाद एशियन चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए। 2026 में नई दिल्ली में हुई एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में उन्होंने व्यक्तिगत सिल्वर के साथ टीम गोल्ड में भी योगदान दिया। रुद्राक्ष पाटिल: वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले स्टार महाराष्ट्र के ठाणे में 16 दिसंबर 2003 को जन्मे रुद्राक्ष पाटिल 10 मीटर एयर राइफल के विशेषज्ञ हैं। 2022 में काहिरा ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। इस जीत के साथ वह अभिनव बिंद्रा के बाद 10 मीटर एयर राइफल में व्यक्तिगत वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले दूसरे भारतीय बने। उनके नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप और एशियन चैंपियनशिप समेत कई अंतरराष्ट्रीय पदक हैं। 2022 में वह इस स्पर्धा की वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर-1 भी बने थे। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर: भाई को देखकर पकड़ी राइफल मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रतनपुर गांव के रहने वाले ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर का जन्म 3 फरवरी 2001 को हुआ। उन्होंने अपने चचेरे भाई और ओलंपियन नवदीप सिंह राठौर को शूटिंग करते देखकर इस खेल में कदम रखा। 2015 में उन्होंने भोपाल की मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी से औपचारिक प्रशिक्षण शुरू किया। 2019 में सुहल ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में उन्होंने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में गोल्ड के साथ जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 2021 में नई दिल्ली ISSF वर्ल्ड कप और लीमा जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीता। वह टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। एशियन गेम्स 2026 में इन पांच निशानेबाजों ने दो मिनट के भीतर दो पदक जीतकर भारतीय शूटिंग की गहराई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी मजबूती को एक बार फिर सामने रखा। ये भी पढ़ें: टीम में जगह नहीं मिली, रिप्लेसमेंट बनकर उतरीं और रचा इतिहास! रोशिबिना देवी का शानदार सिल्वर