उत्तर प्रदेश

ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में सड़क पर उतरे केमिस्ट, नकली दवाइयों की बिक्री का लगाया आरोप

मुरादाबाद में ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में दवा व्यापारी सड़क पर उतर आए। केमिस्टों ने नकली दवाइयों की बिक्री और भारी डिस्काउंट से कारोबार प्रभावित होने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री बंद करने की मांग की और चेतावनी दी कि फैसला न होने पर देशव्यापी हड़ताल होगी।

Reported by India Headlines and edited by Shagun Chaurasia

Online Pharmacy Protest || Chemist Protest || Moradabad News || Fake Medicines Allegation: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में दवा व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केमिस्टों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

ऑनलाइन फार्मेसी से हो रही परेशानिया

दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी की वजह से स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि कोविड काल के दौरान सरकार ने ऑनलाइन दवा बिक्री को अनुमति दी थी, लेकिन महामारी खत्म होने के बाद भी इस व्यवस्था को बंद नहीं किया गया। अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बड़े स्तर पर दवाइयों की बिक्री की जा रही है।

केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर दवाइयां बेच रही हैं, जिसकी वजह से छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों को 40 से 50 फीसदी तक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले दवा विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता बेकार

प्रदर्शन कर रहे दवा व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन माध्यम से कई बार बिना गुणवत्ता जांच के दवाइयां बेची जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि नकली और गलत दवाइयों की सप्लाई से मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। केमिस्टों का कहना है कि मेडिकल स्टोर पर ग्राहक को दवा से जुड़ी सही जानकारी और इस्तेमाल की सलाह मिल जाती है, जबकि ऑनलाइन खरीद में ऐसी सुविधा नहीं होती।

ऑनलाइन फार्मेसी से जुड़े कानून को ले वापस

दवा व्यापारियों ने सरकार से ऑनलाइन फार्मेसी से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो देशभर के करीब 12.5 लाख केमिस्ट और उनसे जुड़े करोड़ों लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दवा व्यापारी मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। बाद में व्यापारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।

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