सावन की आस्था के बीच मातम में बदली गंगा स्नान की खुशी कानपुर के ऐतिहासिक बिठूर घाट पर सावन के पहले दिन बड़ा हादसा हो गया। गंगा स्नान के लिए पहुंची चार छात्राएं अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गईं। घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच एक दुकानदार ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगा दी। उसकी बहादुरी और स्थानीय युवकों की मदद से तीन छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 16 वर्षीय एक किशोरी तेज बहाव में लापता हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घूमने का प्लान बना, लेकिन हादसे में बदल गया दिन जानकारी के मुताबिक कन्नौज निवासी अनुष्का कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में किराये पर रहकर पढ़ाई करती है। उसके साथ रिया कुशवाहा और रिया कश्यप भी रहती हैं। बुधवार को अनुष्का की ममेरी बहन मुस्कान भी उनके पास आई थी। चारों सहेलियों ने बिठूर घूमने और गंगा स्नान करने का कार्यक्रम बनाया। गुरुवार सुबह वे ऑटो से गुदारा घाट पहुंचीं और दोपहर करीब एक बजे गंगा में स्नान करने उतरीं। नहाते समय वे अनजाने में गहरे पानी और तेज बहाव वाले हिस्से में चली गईं, जिससे चारों डूबने लगीं। दुकानदार बना फरिश्ता, अपनी जान जोखिम में डालकर बचाईं तीन छात्राएं घाट पर कॉस्मेटिक की दुकान चलाने वाले रामजी द्विवेदी ने जैसे ही छात्राओं को डूबते देखा, बिना एक पल गंवाए गंगा में छलांग लगा दी। उनके साथ घाट पर मौजूद चार स्थानीय युवक भी बचाव के लिए नदी में उतर गए। काफी मशक्कत के बाद अनुष्का, रिया कुशवाहा और रिया कश्यप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि मुस्कान तेज बहाव में बह गई और उसका अब तक कोई सुराग नहीं लग सका। नाव और गोताखोरों की मदद से चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने डायल-112 पर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद बिठूर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से गंगा में सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। नावों और जाल की सहायता से लापता छात्रा की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मुस्कान के परिजनों को भी सूचना दे दी है और खोजबीन लगातार जारी है। 'तीन दिन पहले भी बचाई थी जान' रामजी ने सुनाई पूरी घटना छात्राओं की जान बचाने वाले रामजी द्विवेदी ने बताया कि इस घाट पर डूबने की घटनाएं नई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले भी उन्होंने तीन युवकों की जान बचाई थी। रामजी के मुताबिक, वह दुकान पर बैठे थे तभी लोगों के चिल्लाने की आवाज आई। उन्होंने तुरंत नाव खोली और नदी की ओर बढ़ गए। एक छात्रा काफी दूर बह चुकी थी, इसलिए उन्होंने नाव छोड़कर तैरते हुए उसके पास पहुंचने की कोशिश की। तीन छात्राओं को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन मुस्कान तक समय पर नहीं पहुंच सके। DCP के निरीक्षण के बाद पुलिस गायब होने पर उठे सवाल हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि घटना से कुछ देर पहले ही डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी और एसडीएम ने घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। लेकिन हादसे के समय घाट पर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे। डीसीपी ने कहा कि जिस पुलिसकर्मी की ड्यूटी थी, उसकी पहचान कर लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की अपील तेज बहाव में गंगा में न उतरें पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है और बहाव बेहद तेज है। ऐसे में श्रद्धालु गहरे पानी में उतरने से बचें और घाटों पर लगाए गए चेतावनी बोर्ड तथा पुलिस के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि लापता छात्रा की तलाश जारी है और उसे खोजने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।