कानपुर में मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी मुहिम कानपुर में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए गुरुवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिलेभर में बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश और सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय के नेतृत्व में गठित टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में डेयरियों, मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों को कड़ी चेतावनी दी गई। दूध, पनीर, दही, कुल्फी से लेकर चिली पनीर तक जांच के दायरे में अभियान के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 9 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। बर्रा स्थित ठाकुर दूध डेरी से दूध और पनीर, घाटमपुर की गोवर्धन डेरी से मिश्रित दूध, पांडेय स्वीट एंड नमकीन से पनीर, जवाहर नगर से कुल्फी, पनकी की राठौर दूध डेयरी से पनीर, रामनारायण मार्केट स्थित गोपाल दूध भंडार से भैंस का दूध, फजलगंज की गुलशन डेरी से दही तथा किदवई नगर स्थित स्पाइसी फूड से सांभर और चिली पनीर के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। 25 किलो रंगीन फिंगर चिप्स मौके पर कराए गए नष्ट कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई किदवई नगर स्थित स्पाइसी फूड प्रतिष्ठान पर देखने को मिली। यहां बिक्री के लिए रखे गए करीब 25 किलोग्राम रंगीन फिंगर चिप्स खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। टीम ने किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए पूरे स्टॉक को मौके पर ही नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बारिश के मौसम में कारोबारियों को जारी की गई सख्त चेतावनी निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दुकानदारों और कारोबारियों को विशेष निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में खाद्य पदार्थों को खुले में न रखें। सभी खाद्य सामग्री को ढककर रखने, साफ-सफाई बनाए रखने, कर्मचारियों को स्वच्छता के नियमों का पालन कराने और प्रतिष्ठानों में निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर भविष्य में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट तय करेगी कारोबारियों का भविष्य अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूनों को अधिकृत खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। यदि जांच में किसी भी नमूने में मिलावट, अशुद्धता या निर्धारित मानकों से कम गुणवत्ता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने से लेकर आर्थिक दंड और लाइसेंस संबंधी कार्रवाई तक की जाएगी। त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर प्रशासन की सख्ती श्रावण मास और आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचे और मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश जाए। प्रशासन का साफ संदेश खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिलेभर में नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और छापेमारी का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।