कानपुर। रावतपुर के बहुचर्चित कथित स्लो प्वाइजन मामले में गुरुवार को बड़ा मोड़ सामने आया। अब तक ससुराल वालों को चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर देने के आरोपों का सामना कर रही महिला ज्योति गुप्ता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले को साजिश करार दिया। अपने भाई के साथ पहुंची महिला ने दावा किया कि उसने कभी किसी को जहर नहीं दिया, बल्कि उसके पति ने ही उसे एक पुड़िया देकर चाय में मिलाने के लिए कहा था और बाद में उसी आधार पर उसे फंसाने की योजना बनाई। ज्योति ने पुलिस कमिश्नर के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसके पति का बेंगलुरु की एक युवती से संबंध है और उसी वजह से वह उससे छुटकारा पाना चाहता था। महिला का आरोप है कि तलाक का रास्ता आसान बनाने के लिए उसके खिलाफ पूरे घटनाक्रम की पटकथा तैयार की गई। महिला ने दावा किया कि उसका पति अक्सर सोशल मीडिया पर तंत्र-मंत्र और घरेलू उपायों से जुड़ी वीडियो और रील्स दिखाता था। उसने बताया कि पति ने एक पुड़िया दी, जिसमें हल्दी, लौंग और अन्य सामग्री थी। पति ने कहा था कि यह किसी बाबा द्वारा दी गई है और इसे चाय में मिलाकर सास को देने से उनका व्यवहार उसके प्रति अच्छा हो जाएगा। महिला ने पुलिस अधिकारियों को अपने मोबाइल में ऐसी कई रील्स भी दिखाईं, जिन्हें देखने की बात उसने कही। ज्योति का आरोप है कि पति ने पहले उसे इस तरह चाय में सामग्री मिलाने के लिए कहा और फिर रसोई में हिडन कैमरा लगाकर कई दिनों तक उसकी रिकॉर्डिंग करता रहा। बाद में उन्हीं वीडियो के आधार पर उसे परिवार के सामने बदनाम किया गया और घर से निकाल दिया गया। महिला का कहना है कि उससे प्लॉट लाने की मांग भी की गई और दहेज के लिए मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद वह अपनी पूरी सैलरी पति को देती रही। जब उसने अपने खर्च के लिए पैसे मांगने शुरू किए तो पति ने पैसे देने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, उसके बैंक खाते से भी बिना अनुमति रकम ट्रांसफर की जाती थी। उसने दावा किया कि उसके पास बैंक लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड सहित कई ऐसे दस्तावेज हैं, जिनकी जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। ज्योति ने अपनी सास पर भी गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि सास पार्लर और स्पा की आड़ में गलत गतिविधियां संचालित करती हैं और उस पर भी इसमें शामिल होने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर परिवार में विवाद बढ़ता गया। वहीं, इस पूरे मामले में पहले पति हिमांशु गुप्ता ने आरोप लगाया था कि शादी के कुछ समय बाद उसकी पत्नी का व्यवहार बदल गया था। परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत लगातार खराब रहने, खून की उल्टियां और कमजोरी जैसी शिकायतों के बाद उन्हें शक हुआ। बाद में घर में लगाए गए कैमरे में कथित तौर पर महिला को कई बार चाय में कोई पदार्थ मिलाते हुए देखा गया, जिसके आधार पर मामला सामने आया। अब महिला के नए आरोपों के बाद यह मामला पूरी तरह नया मोड़ ले चुका है। पुलिस कमिश्नर ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आखिर इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं।