Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने के उद्देश्य से इस वर्ष कजली मेला का आयोजन 29 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक एक सप्ताह तक किया जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती गजल भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई महोबा संरक्षण एवं विकास समिति की बैठक में लिया गया। कजरी महोत्सव की तैयारी बैठक में जिलाधिकारी ने साहित्यकारों और गणमान्य नागरिकों से कहा कि महोबा आल्हा-ऊदल की कर्मभूमि रहा है। यहां की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को परंपरागत कजरी महोत्सव के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए मेले के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित होंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोकगीत और नाट्य पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी रहेगी। आल्हा मंच पर विशेष आयोजन और स्टेशन रोड की मरम्मत प्राथमिकता पर की जाएगी। विकास प्रदर्शनी के जरिए सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं और महोबा की धरोहरों की जानकारी के बोर्ड लगाने पर जोर रहेगा। शोभायात्रा, सीसीटीवी, बैरिकेडिंग और समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था सख्त जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी को वाहन पार्किंग के लिए ठेका वसूली, रूट डायवर्जन और कीरत सागर पर बैरिकेडिंग, लाइट व सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दुकानों के आवंटन के लिए ई-लॉटरी कराने को भी कहा गया। विद्युत विभाग को मेले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने कहा कि मेला के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होगा। झूलों की सुरक्षा जांच की जाएगी और कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। स्थानीय कलाकारों पर जोर विधायक सदर राकेश गोस्वामी ने गत वर्ष से बेहतर आयोजन का सुझाव दिया। वहीं विधान परिषद सदस्य जितेन्द्र सिंह सेंगर ने मेले में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने पर बल दिया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संतोष चौरसिया, सीडीओ बलराम कुमार, एडीएम वित्त कुंवर पंकज, एएसपी वंदना सिंह, एडीएम नमामि गंगे सूर्यकांत त्रिपाठी, सीएमओ और समाजसेवी डॉ ज्ञानेश अवस्थी,दाऊ तिवारी सहित कजली महोत्सव समिति के सदस्य व जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रतिदिन के कार्यक्रमों की सूची तैयार कर जल्द प्रस्तुत करे, ताकि अंतिम रूपरेखा तय की जा सके। ये भी पढ़ें: बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, DM गजल भारद्वाज के सख्त निर्देश