Mayawati News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (SP) के ‘PDA’ फॉर्मूले को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा चुनावी फायदे के लिए अपनी राजनीतिक रणनीति और सामाजिक समीकरण बदलती रहती है। मायावती ने कहा कि ऐसी राजनीति से किसी व्यक्ति को अस्थायी लाभ मिल सकता है, लेकिन पूरे समाज का हित नहीं हो सकता। बसपा का सिद्धांत मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर काम करने वाली अंबेडकरवादी पार्टी है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बसपा की चार सरकारें इसी सिद्धांत के आधार पर चली हैं। PDA में बदलाव पर सवाल बसपा प्रमुख ने सपा के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अक्लियत फॉर्मूले को निशाने पर लेते हुए कहा कि पहले ‘पी’ का अर्थ पिछड़ा बताया जाता था। अब ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश के बीच इसे ‘पंडित’ से जोड़ने की बात सामने आ रही है। मायावती ने दावा किया कि ब्राह्मण समाज के लोगों का बसपा से जुड़ाव बढ़ने और पार्टी द्वारा उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने से सपा चिंतित है। उन्होंने इसी को सपा की बदलती राजनीतिक रणनीति का उदाहरण बताया। https://twitter.com/Mayawati/status/2085932713689886742 सपा पर जातिवादी राजनीति का आरोप मायावती ने आरोप लगाया कि सपा अपनी संकीर्ण जातीय राजनीति और चुनावी स्वार्थ के कारण समय-समय पर अपना रुख बदलती रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक छल और भ्रम पैदा करने वाली राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी खास वर्ग या व्यक्ति को थोड़े समय के लिए राजनीतिक लाभ मिल सकता है, लेकिन ऐसी रणनीति से समाज के सभी वर्गों का स्थायी कल्याण संभव नहीं है। सर्वसमाज से सावधान रहने की अपील मायावती ने उत्तर प्रदेश के सर्वसमाज के लोगों से अपील की कि वे संकीर्ण जातीय राजनीति से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि समाज के व्यापक हित के लिए ऐसी राजनीति से बचना जरूरी है। मायावती के इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में PDA और ब्राह्मण वोटबैंक को लेकर सियासी बहस और तेज होने के संकेत हैं। ये भी पढ़ें: अमित शाह के जवाब पर अड़ा विपक्ष, राज्यसभा में नारेबाजी के बीच रिजिजू से कही बड़ी बात