Meerut Blue Drum Case: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। दोनों को 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। फैसले के बाद जेल प्रशासन ने भी दोनों के लिए नियमों में बदलाव की तैयारी कर ली है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, दोषी ठहराए जाने के बाद बंदियों को जेल के निर्धारित कपड़े पहनने होते हैं और जेल नियमों के अनुसार श्रम भी करना पड़ सकता है। मुस्कान को आसमानी रंग की साड़ी या सलवार-सूट और साहिल को पीले रंग के कपड़े पहनने होंगे। महीने में सिर्फ चार मुलाकात की अनुमति सजा होने के बाद दोनों की मुलाकात व्यवस्था भी बदल जाएगी। अभी जहां महीने में 12 मुलाकातों की अनुमति का प्रावधान था, वहीं सजा के बाद यह संख्या घटकर चार रह जाएगी। हालांकि, फिलहाल दोनों से मिलने के लिए बहुत कम लोग जेल पहुंच रहे हैं। मुस्कान फिलहाल अपनी बेटी के साथ जिला कारागार में है। जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों की अदालत में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जा रही है। परिजन अलग-अलग जेल भेजने की मांग पर कायम सौरभ के परिजनों ने दोनों को सजा सुनाए जाने के बाद अलग-अलग जिलों की जेल में भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों को एक-दूसरे से अलग रखा जाना चाहिए। परिजनों ने पहले भी दोनों के जेल में रहने और अदालत में पेशी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को अदालत में पेश किया जाता रहा है। 2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की शादी सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। सौरभ विदेश में नौकरी करते थे, जबकि मुस्कान मेरठ में रहती थी। इसी दौरान मुस्कान की साहिल शुक्ला से नजदीकियां बढ़ने की बात जांच में सामने आई। पुलिस के मुताबिक, मार्च 2025 में सौरभ की हत्या की गई। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की और कुछ समय के लिए मेरठ से बाहर चले गए। पुलिस ने जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई थी और इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल साक्ष्यों समेत कई अहम सबूत जुटाए गए। 54 दिन में दाखिल हुई करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करते हुए करीब 54 दिनों में अदालत में लगभग 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्य, डिजिटल जानकारी और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को शामिल किया गया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। आखिरकार जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुस्कान और साहिल को हत्या के मामले में दोषी करार दिया और सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया। बेटी की मौजूदगी ने मामले को और संवेदनशील बनाया मामले में मुस्कान की बेटी भी एक अहम मानवीय पहलू रही है। जेल में रहते हुए मुस्कान ने नवंबर 2025 में बेटी को जन्म दिया था। फिलहाल बच्ची मां के साथ जेल में रह रही है। अब अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजरें हैं। 14 अक्टूबर को दोनों दोषियों को मिलने वाली सजा के साथ यह बहुचर्चित मामला एक अहम कानूनी पड़ाव पर पहुंचेगा। ये भी पढ़ें: