उत्तर प्रदेश

शहजाद भट्टी नेटवर्क पर ATS का बड़ा एक्शन, 10 जिलों में छापेमारी, 150 से ज्यादा संदिग्ध जांच के घेरे में

यूपी ATS ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 10 जिलों में छापेमारी की। 10-15 संदिग्ध हिरासत में, 150 से ज्यादा लोगों की गतिविधियां जांच के घेरे में हैं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

UP ATS Raid: उत्तर प्रदेश में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ एटीएस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को लखनऊ समेत 10 जिलों में एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी गई। कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ समेत कई जिलों में हुई कार्रवाई का फोकस ऐसे लोगों की पहचान करना है, जिनका कथित तौर पर इस नेटवर्क से संपर्क रहा है। एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही है।

150 से ज्यादा लोगों पर नजर

जांच के दौरान एटीएस को 150 से अधिक लोगों के बारे में जानकारी मिली है। एजेंसी इनके सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल बातचीत, संपर्कों और अन्य गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि इनमें से किन लोगों के नेटवर्क से वास्तविक संबंध हैं और उनकी भूमिका क्या रही है।

चार महीने में 52 गिरफ्तार

पिछले चार महीनों में इस मामले से जुड़ी जांच के तहत 52 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पूछताछ के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिनके नाम या संपर्क गिरफ्तार आरोपियों से सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने सितंबर में शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था। सरकार के अनुसार, नेटवर्क पर सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों की ओर प्रेरित करने के आरोप हैं।

अब यूपी एटीएस की ताजा कार्रवाई के बाद जांच की दिशा और आगे बढ़ने की संभावना है। एजेंसी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क के संपर्कों और कथित भूमिकाओं की कड़ियां खंगाल रही है।

ये भी पढ़ें: आराधना मिश्रा के हाथ UP कांग्रेस की कमान, इमरान मसूद को भी बड़ी जिम्मेदारी, जाने क्या है नई रणनीति?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »