Yogi Distributed Scholarships: उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 4.60 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल माध्यम से राशि का अंतरण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी भी की। योगी ने कहा कि अगर राजभर को उनके छात्र जीवन में समय पर छात्रवृत्ति मिल जाती तो वह पढ़-लिखकर आगे बढ़ते और शायद राजनीति में नहीं आते। राजभर का संघर्ष और सफर मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में छात्रवृत्ति की व्यवस्था समय पर नहीं होने से राजभर को पढ़ाई में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने संघर्ष किया, अलग-अलग काम किए और जनता की समस्याओं की आवाज उठाते हुए राजनीति में आगे बढ़े। योगी ने यह भी कहा कि राजभर ने थ्री-व्हीलर और टैक्सी चलाकर भी जीवन में संघर्ष किया है। किस वर्ग के कितने छात्रों को मिली राशि? सरकार के मुताबिक इस चरण में ओबीसी वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों को करीब 60.01 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को 64.54 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों को 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को 12.06 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। नौ साल में चार करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले साल करीब 69 लाख विद्यार्थियों को लगभग 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। उनके अनुसार, पिछले नौ वर्षों में चार करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र छात्र आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न हो। 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर छात्रवृत्ति वितरण में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कई छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलती थी। उनके संज्ञान में मामला आने के बाद लंबित राशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अप्रैल से जुलाई के बीच प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रवृत्ति देने की व्यवस्था विकसित की गई है। ऑटोमेशन से पारदर्शिता पर जोर सरकार के मुताबिक छात्रवृत्ति प्रक्रिया को ऑटोमेशन से जोड़ा गया है। एससी-एसटी छात्रों के आंकड़ों की समीक्षा में करीब चार लाख विद्यार्थियों का डाटा उपलब्ध नहीं मिला था, जिसके बाद उनके लिए पोर्टल शुरू कराया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को हर महीने पात्र छात्रों को भुगतान सुनिश्चित करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। ये भी पढ़ें: शहजाद भट्टी नेटवर्क पर ATS का बड़ा एक्शन, 10 जिलों में छापेमारी, 150 से ज्यादा संदिग्ध जांच के घेरे में