Motorcycle Theft Gang: दिल्ली-NCR में सक्रिय मोटरसाइकिल चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। थाना फेस-2 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि पकड़े गए तीनों आरोपी आपस में सगे भाई हैं और लंबे समय से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। 12 बाइक बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिल, एक फर्जी नंबर प्लेट और तीन अवैध चाकू बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद वाहनों में दो बाइक नोएडा और तीन दिल्ली से चोरी की गई थीं, जबकि बाकी मोटरसाइकिलों की जानकारी जुटाई जा रही है। एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर निम्मी विहार पुस्ता के पास कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी फरदीन उर्फ सोहेल (21), फैजान उर्फ कल्लू (23) और फिरोज (27) के रूप में हुई है। रेकी कर करते थे चोरी पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में पहले रेकी करते थे। इसके बाद घरों के बाहर, बाजारों, मॉल और दुकानों के सामने खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही कुछ मिनटों में बाइक चोरी कर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, चोरी के वाहनों की पहचान छिपाने के लिए आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे और बाद में उन्हें कम कीमत पर बेच देते थे। चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल अपने शौक और मौज-मस्ती में करते थे। लोगों को डराने के लिए वे अपने पास अवैध चाकू भी रखते थे। पुराना आपराधिक रिकॉर्ड जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। मुख्य आरोपी फरदीन के खिलाफ नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। फैजान और फिरोज पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था। पुलिस अब चोरी की बाइक खरीदने वाले लोगों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। आशंका है कि आरोपियों ने अब तक बड़ी संख्या में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। चोरी के वाहनों का नेटवर्क पुलिस के मुताबिक, आरोपी चोरी की बाइक को गाजियाबाद और नोएडा के सुनसान इलाकों में छिपाकर रखते थे। जब कई वाहन इकट्ठे हो जाते थे, तब उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कम कीमत पर बेच दिया जाता था। फिलहाल पुलिस बरामद मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में हुई कई वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। ये भी पढ़ें: पुलिस का एक्शन, वाहन चोर बदमाश मुठभेड़ में दबोचा गया