Uttar Pradesh || Mahoba || Court Verdict ||Family Murder Case : उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तिहरे हत्याकांड के एक बेहद दिल दहला देने वाले मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने अपनी पत्नी और दो छोटी बेटियों की क्रूरता से हत्या करने वाले दोषी देवेंद्र विश्वकर्मा को फांसी की सजा दी है। यह भयावह घटना उस समय पूरे महोबा में हड़कंप मचा दी थी। सिलबट्टे से कूचकर अपने परिवार को किया था बर्बाद यह मामला महोबा का है, जहां आरोपी देवेंद्र विश्वकर्मा ने अपनी पत्नी और दो बेटियों पर बेहद क्रूरता से हमला किया। उसने घर में रखे सिलबट्टे से तीनों की दर्दनाक हत्या कर दी। इस तिहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज़ी से की और अदालत के सामने पुख्ता सबूत पेश किए। फास्ट ट्रैक कोर्ट का कड़ा फैसला अपर एवं सत्र न्यायाधीश (FTC) अपर्णा त्रिपाठी द्वितीय की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान देवेंद्र विश्वकर्मा को दोषी ठहराया। कोर्ट ने इस अपराध को बेहद क्रूर और जघन्य मानते हुए आरोपी को फांसी की सजा दी। जज ने अपने आदेश में साफ तौर पर लिखा, "दोषसिद्ध अपराधी को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाया जाए जब तक वह मर न जाए।" इसके अलावा, कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फांसी की सजा पर समाज का संतोष अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या करने वाले इस अपराधी को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद, स्थानीय लोगों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि ऐसे गंभीर और क्रूर अपराध करने वालों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट का यह त्वरित और सख्त फैसला न केवल अपराधियों के हौसले को तोड़ देगा, बल्कि कानून पर जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा। ये भी पढ़े : जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन, गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने की हुंकार