अयोध्याउत्तर प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा मामले में RSS की एंट्री, चंपत राय से हुई लंबी गोपनीय बैठक

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में RSS ने सक्रियता बढ़ा दी है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अयोध्या में चंपत राय से मुलाकात कर दस्तावेज जुटाए, जबकि एसआईटी जांच और आरोपों पर निगाहें टिकी हैं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

RSS Involved In Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सक्रियता बढ़ गई है। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय द्वारा एसआईटी जांच पूरी होने के बाद अपना पक्ष सार्वजनिक करने की बात कहे जाने के बाद संघ नेतृत्व ने पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद और संघ के शीर्ष स्तर पर इस मुद्दे को लेकर लगातार मंथन चल रहा है।

RSS की अहम बैठक

जानकारी के मुताबिक, संघ प्रमुख के निर्देश पर सह सरकार्यवाह आलोक कुमार और डॉ. कृष्ण गोपाल अयोध्या पहुंचे। दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों ने तीर्थ क्षेत्र भवन में चंपत राय से करीब दो घंटे तक बंद कमरे में विस्तार से बातचीत की। इस दौरान चंपत राय ने अपने पक्ष में दस्तावेज, अभिलेख और अन्य तथ्यों को उनके सामने रखा। बैठक के बाद दोनों अधिकारी संबंधित दस्तावेजों की फाइल लेकर नागपुर लौटे और संघ नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।

भागवत का संदेश

सूत्रों का यह भी दावा है कि चंपत राय के पत्र सामने आने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयं उनसे फोन पर बातचीत की और नागपुर आने का आग्रह किया। हालांकि, चंपत राय ने कथित तौर पर यह कहते हुए अयोध्या छोड़ने से इनकार कर दिया कि एसआईटी की जांच पूरी होने तक वह वहीं रहेंगे। इसके बाद संघ ने अपने प्रतिनिधियों को अयोध्या भेजकर सीधे तथ्य जुटाने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि पहली बैठक के बाद भी दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी रहा और हाल ही में आलोक कुमार ने दोबारा अयोध्या पहुंचकर चंपत राय से मुलाकात की। हालांकि, इन बैठकों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

शिकायत से बढ़ा विवाद

इधर, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने चंपत राय पर 20 बिंदुओं में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए एसआईटी को विस्तृत शिकायत भेजी है। दूसरी ओर, चंपत राय लगातार साधु-संतों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास से निर्मोही अखाड़ा में बंद कमरे में चर्चा की। गौरतलब है कि पहले भी महंत दिनेंद्र दास सार्वजनिक रूप से चंपत राय के समर्थन में सामने आ चुके हैं। फिलहाल, पूरे मामले में एसआईटी की जांच और उसकी रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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