UP Politics: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए क्षेत्र और विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने कुल 18 पदाधिकारियों को अलग-अलग अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। नई नियुक्तियों के जरिए क्षेत्रीय संगठन से लेकर युवा, महिला, किसान और पिछड़ा वर्ग जैसे मोर्चों की कमान अनुभवी नेताओं के हाथों में दी गई है। BJP ने सौंपी नई जिम्मेदारियां प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शनिवार को पत्र जारी कर इन नियुक्तियों की जानकारी दी। नई जिम्मेदारियों में छह क्षेत्र प्रभारी, सात मोर्चा प्रभारी और संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। पार्टी के इस फैसले को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। छह क्षेत्रों की कमान इन नेताओं को बीजेपी ने पांच प्रदेश महामंत्रियों और एक प्रदेश उपाध्यक्ष को क्षेत्र प्रभारी बनाया है। रामप्रताप सिंह चौहान को पश्चिम क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गीता शाक्य को ब्रज क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा शंकर लोधी को कानपुर क्षेत्र, दिलीप पटेल को अवध क्षेत्र और अभिजात मिश्रा को गोरखपुर क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह को काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के साथ पार्टी ने प्रदेश के प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों में निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी वरिष्ठ पदाधिकारियों को दी है। मोर्चों की जिम्मेदारी भी तय बीजेपी ने अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक वर्गों तक पार्टी की पहुंच मजबूत करने के लिए सात मोर्चा प्रभारियों की नियुक्ति की है। प्रदेश महामंत्री राजेश चौधरी को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है, जबकि संजय राय को पिछड़ा मोर्चा की जिम्मेदारी मिली है। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह को अनुसूचित मोर्चा, कामेश्वर सिंह को महिला मोर्चा और डॉ. प्रियंका रावत को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में देवेश कोरी को अल्पसंख्यक मोर्चा और शंकर गिरी को किसान मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन के अहम पदों पर भी नियुक्तियां पार्टी ने प्रदेश संगठन से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारियां तय की हैं। एमएलसी और पूर्व प्रदेश महामंत्री गोविन्द नारायण शुक्ला को मुख्यालय प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं प्रदेश मंत्री यतेंद्र शर्मा को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर को विस्तारक योजना का संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना मिश्रा को ‘मन की बात’ कार्यक्रम का संयोजक और प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारियों से संगठन को मिलेगी नई धार? बीजेपी के इस संगठनात्मक बदलाव के बाद अब इन पदाधिकारियों की भूमिका पर नजर रहेगी। क्षेत्रीय स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने के साथ-साथ विभिन्न मोर्चों के जरिए अलग-अलग वर्गों तक पार्टी की पहुंच मजबूत करना नई टीम की बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल 18 पदाधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियों ने यूपी बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के संकेत दे दिए हैं। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर पार्टी की गतिविधियों और जमीनी संगठन पर कितना दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी। ये भी पढ़ें: मेरठ में कांवड़ियों पर बरसे फूल, CM योगी के मंच के सामने ड्रोन से मचा हड़कंप