विदेश

भारतीय पायलट स्मित मच्छार का साहस बना मिसाल, PM मोदी से ट्रंप-नेतन्याहू तक ने की जमकर तारीफ

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट झड़प के बाद विमान तेजी से नीचे आया। घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने दरवाजा खोलने में मदद की। उनकी बहादुरी की दुनिया ने सराहना की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Dubai Tel Aviv Flight: एक फ्लाइट कॉकपिट में अचानक हुआ विवाद और देखते ही देखते हजारों फीट नीचे जाता विमान, कुछ ही मिनटों में फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में ऐसा संकट पैदा हुआ, जिसने यात्रियों की सांसें रोक दीं। इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका अब दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

कॉकपिट में मचा हड़कंप

30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में अचानक कॉकपिट के अंदर गंभीर स्थिति पैदा हो गई। फ्लाईदुबई ने आधिकारिक तौर पर इतना बताया कि फ्लाइट डेक में एक झड़प हुई और विमान में मौजूद ड्यूटी क्रू ने स्थिति संभालते हुए विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया। सभी यात्रियों और क्रू के सुरक्षित होने की पुष्टि भी एयरलाइन ने की।

इसके बाद इजरायली अधिकारियों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से घटना के बारे में कहीं ज्यादा गंभीर विवरण सामने आए। उनके मुताबिक, सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण प्रभावित करने की कोशिश की। हालांकि घटना की पूरी परिस्थितियों, कथित हमले के मकसद और इसे किस रूप में वर्गीकृत किया जाए, इसकी जांच अभी जारी है। स्वतंत्र रूप से घटना के हर विवरण की पुष्टि नहीं हुई है।

आखिर उस फ्लाइट में हुआ क्या था?

फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से उड़ान भरने के बाद सामान्य तरीके से अपनी यात्रा शुरू की। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचा था। इसके बाद विमान ने अचानक तेज गति से नीचे जाना शुरू किया। ट्रैकिंग के अनुसार कुछ ही समय में विमान ने हजारों फीट की ऊंचाई खो दी और बाद में फिर ऊपर उठने और नीचे आने की स्थिति दिखाई दी।

विमान से आपातकालीन संकेत भी भेजे गए। पहले सामान्य आपात स्थिति का कोड 7700 और बाद में अवैध हस्तक्षेप से जुड़ा 7500 कोड प्रसारित हुआ। इसके बाद विमान ने अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब के तबूक की ओर बढ़ गया। वहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल से आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी गई।

घायल होने के बाद भी कैप्टन ने क्या किया?

घटना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार से जुड़ा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इससे यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्य अंदर पहुंच सके और कथित हमलावर को काबू करने में सहायता कर सके। नेतन्याहू ने इसे असाधारण साहस बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई ने बड़ी हवाई त्रासदी को टालने में मदद की।

रिपोर्टों के अनुसार, विमान में मौजूद यात्रियों में से कुछ लोगों ने कॉकपिट तक पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की। इनमें इजरायली यात्री यानिव हयून का नाम प्रमुखता से सामने आया है। हयून ने बाद में नेतन्याहू को बताया कि उन्होंने कथित हमलावर को विमान के नियंत्रण से दूर करने में मदद की। विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को सुरक्षित रूप से उतारने में भूमिका निभाई।

तबूक में हुई सुरक्षित लैंडिंग

कॉकपिट संकट के बाद विमान को इजरायल की बजाय सऊदी अरब के तबूक की ओर डायवर्ट किया गया। फ्लाइट ने वहां सुरक्षित लैंडिंग की। फ्लाईदुबई ने कहा कि विमान में मौजूद ड्यूटी क्रू ने स्थिति को सुरक्षित किया और सभी यात्री व चालक दल सुरक्षित थे। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव पहुंचाया गया।

फ्लाइट की अचानक ऊंचाई कम होने और आपात संकेतों के कारण शुरुआती दौर में सुरक्षा एजेंसियों के बीच गंभीर चिंता पैदा हुई। बाद में विमान के सुरक्षित उतरने से यात्रियों को राहत मिली।

कैप्टन स्मित मच्छार को दुनिया भर से सलाम

घटना सामने आने के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सार्वजनिक तौर पर कई नेताओं और सरकारी संस्थानों ने प्रशंसा की। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मच्छार को ‘ट्रू हीरो’ बताते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की और इससे यात्रियों तथा क्रू को हस्तक्षेप का अवसर मिला।

भारत की ओर से भी कैप्टन की भूमिका की सराहना की गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए उनके इलाज और सुरक्षित होने की जानकारी साझा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कठिन परिस्थिति में कैप्टन के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घटना का जिक्र करते हुए कैप्टन मच्छार और यात्री यानिव हयून की भूमिका की सराहना की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने हयून के विमान को संभालने में योगदान का भी उल्लेख किया।

इजरायल के विदेश मंत्रालय और भारत के राजनयिक अधिकारियों की ओर से भी कैप्टन की भूमिका की प्रशंसा सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम में यात्रियों और क्रू के सामूहिक हस्तक्षेप को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?

रिपोर्टों के अनुसार स्मित मच्छार एक अनुभवी भारतीय कमर्शियल पायलट हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनके पास एक दशक से ज्यादा का विमानन अनुभव है और वह बोइंग 737 विमानों को उड़ाते रहे हैं। फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले उन्होंने स्पाइसजेट में भी काम किया था। फ्लाईदुबई से उनके जुड़ने की तारीख जून 2022 बताई गई है। हालांकि उनके कुल उड़ान घंटों और करियर से जुड़े कुछ आंकड़े अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग दिए गए हैं, इसलिए इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि को लेकर सावधानी जरूरी है।

यानिव हयून की कहानी भी बनी चर्चा का विषय

कैप्टन मच्छार के साथ-साथ इजरायली यात्री यानिव हयून की भूमिका भी सुर्खियों में है। रिपोर्टों के अनुसार हयून उन यात्रियों में शामिल थे जिन्होंने कॉकपिट तक पहुंचकर कथित हमलावर को नियंत्रण से दूर करने में मदद की। हयून ने बताया कि उन्हें विमान के संचालन के बारे में कुछ जानकारी टीवी कार्यक्रम ‘Air Crash Investigation’ से मिली थी। हालांकि विमान को सुरक्षित उतारने में केवल एक व्यक्ति की भूमिका नहीं थी। उपलब्ध विवरणों के मुताबिक यात्रियों, क्रू और विमानन अनुभव रखने वाले लोगों ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।

क्या यह आतंकी हमला था?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा अनसुलझा सवाल है। इजरायली अधिकारियों ने घटना को गंभीर सुरक्षा घटना के रूप में देखा है और कथित तौर पर विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जांच की जा रही है। लेकिन घटना के पीछे वास्तविक मकसद क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। संभावित आतंकी कनेक्शन या किसी बाहरी संगठन की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फ्लाईदुबई ने भी घटना को लेकर जांच पूरी होने से पहले अटकलों से बचने की बात कही है।

फ्लाईदुबई ने इजरायल की उड़ानें क्यों रोकीं?

घटना के बाद फ्लाईदुबई ने जांच के बीच इजरायल से जुड़ी अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की। यह कदम घटना की परिस्थितियों और सुरक्षा समीक्षा के बीच उठाया गया। संबंधित एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि कॉकपिट में घटनाक्रम किस तरह शुरू हुआ और विमान की सुरक्षा व्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ा।

पूरी कहानी का सबसे बड़ा सवाल

फ्लाइट FZ1073 की घटना ने एक बार फिर दिखाया कि विमान में कुछ मिनटों की आपात स्थिति कितनी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है। इस मामले में जांच अभी जारी है, इसलिए घटना के हर पहलू को अंतिम सत्य मानना सही नहीं होगा। लेकिन इतना स्पष्ट है कि विमान के संकट में आने के बाद कैप्टन स्मित मच्छार, यात्रियों, क्रू और विमानन अनुभव रखने वाले लोगों की त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रही। गंभीर रूप से घायल कैप्टन द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद करने की बात को नेतन्याहू समेत कई लोगों ने बड़ी त्रासदी टलने में अहम माना है।

अब जांच का फोकस इस बात पर है कि कॉकपिट में विवाद क्यों हुआ, कथित हमलावर का वास्तविक मकसद क्या था और विमान की सुरक्षा व्यवस्था में उस दौरान क्या-क्या हुआ। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

ये भी पढ़ें: हाईजैक नहीं क्रैश कराने की कोशिश का दावा! दुबई-तेलअवीव फ्लाइट में मचा हड़कंप

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