15 सितंबर 2026, मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में पूरे दिन जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह जहां निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान थी, वहीं कारोबार खत्म होते-होते बाजार लाल निशान में फिसल गया। सेंसेक्स आखिरकार 320.57 अंक यानी 0.43 प्रतिशत टूटकर 74,459.77 के स्तर पर बंद हुआ। शानदार शुरुआत, लेकिन टिक नहीं पाई बाजार ने आज बड़ी उम्मीदों के साथ कारोबार शुरू किया था। सेंसेक्स 587.87 अंक उछलकर 75,369.63 पर खुला, जबकि निफ्टी 178.05 अंकों की छलांग के साथ 23,576.15 के पार निकल गया। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह रही IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी, जिसमें निफ्टी IT इंडेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 5 प्रतिशत तक उछल गया था। पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला टूटता दिख रहा था। लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। दिन चढ़ने के साथ ही बैंकिंग, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई, जिसने शुरुआती बढ़त को पूरी तरह निगल लिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 74,240 के इंट्राडे लो तक फिसल गया था। बिकवाली की असली वजह क्या रही? बाजार पर दबाव बनाने वाले कई कारक एक साथ सामने आए। सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे ब्रेंट क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इसके अलावा अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड्स के 5 प्रतिशत के पार जाने और बुधवार को आने वाले फेड के ब्याज दर फैसले से पहले निवेशकों में सतर्कता साफ नजर आई। वैश्विक स्तर पर AI शेयरों में आई गिरावट का असर भी घरेलू बाजार पर देखने को मिला। इस बिकवाली में ICICI बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, SBI, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयर सबसे ज्यादा टूटे और दोनों इंडेक्स पर सबसे बड़ा दबाव इन्हीं शेयरों की तरफ से आया। सेक्टोरल तस्वीर: IT चमका, कंज्यूमर गुड्स धड़ाम आज के कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स सबसे बड़ा गेनर बनकर उभरा और करीब 2.59 प्रतिशत मजबूत हुआ। लार्जकैप शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज करीब 4.69 प्रतिशत की छलांग के साथ टॉप गेनर रहा, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स करीब 3.95 प्रतिशत टूटकर सबसे बड़ा लूजर साबित हुआ। दूसरी तरफ, कंज्यूमर गुड्स सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार पड़ी और यह करीब 3 प्रतिशत गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हलचल कम नहीं रही। मिडकैप पैक में हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज करीब 4 प्रतिशत चढ़ा, जबकि GE वर्नोवा ट्रांसमिशन करीब 5.8 प्रतिशत लुढ़का। स्मॉलकैप में टाटा केमिकल्स के शेयर 20 प्रतिशत तक उछल गए, वहीं वेलस्पन कॉर्प में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। कुल मिलाकर बाजार का रुख कमजोर रहा और बीएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से कई गुना ज्यादा रही। आगे क्या? बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर बाजार की नजर टिकी रहेगी। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव भी आने वाले सत्रों की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सलाह है कि इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। आपको क्या लगता है, क्या फेड के फैसले से पहले बाजार में यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।