Aligarh Police ODOP Campaign: थाने में महीनों तक अटकी रहने वाली फाइलों की कहानी अब समाप्त हो रही है। अलीगढ़ पुलिस के 'वन डे-वन प्रॉब्लम' अभियान ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। बीते एक माह में जिले के 31 थानों में आए 1320 विवादों का हिसाब उसी दिन कर दिया गया, जिस दिन प्रार्थना पत्र मिला था। आंकड़ा शत-प्रतिशत निस्तारण का है, पेंडेंसी जीरो। 20 सितम्बर 2025 की अलीगढ़ जिले में वन डे-वन प्रॉब्लम (ओडीओपी) अभियान शुरू किया गया था। क्वार्सी और बन्नादेवी थाने सबसे आगे अभियान में शहर के दो थानों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। क्वार्सी थाने में सबसे ज्यादा 147 प्रार्थना पत्र आए और सभी 147 का उसी दिन निस्तारण हुआ। दूसरे नंबर पर बन्नादेवी रहा, जहां 95 मामलों का मौके पर ही समाधान निकला। शहर के अन्य थानों में रोरावर में 87, सिविल लाइन में 69, सासनीगेट में 64, गांधीपार्क में 62, देहलीगेट में 56 और कोतवाली में 49 मामलों का निपटारा किया गया। महिला थाने में आए एकमात्र प्रार्थना पत्र का भी उसी दिन समाधान कराया गया। विशेष स्टांप से तय होती है सुनवाई यह अभियान एसएसपी नीरज जादौन के कार्यभार संभालने के बाद शुरू किया गया था। पुलिस ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान ऐसे प्रार्थना पत्रों को खुद एसएसपी चिह्नित करते हैं, जिनका निस्तारण एक दिन में संभव है। ऐसे प्रार्थना पत्रों पर एसएसपी बाकायदा ओडीओपी का अलग स्टांप लगाकर संबंधित थाने को भेजते हैं। इसके बाद थाना प्रभारी की जिम्मेदारी होती है कि वह उसी दिन टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जांच करे और विवाद का निपटारा कर शाम तक रिपोर्ट भेजे। ये भी पढ़ें: लिफ्ट का दरवाजा खुला और कटी गर्दन… प्रॉपर्टी डीलर की दर्दनाक मौत