उत्तर प्रदेशराजनीति

चवन्नी नहीं, 500 रुपये की नोट है हम….केसी त्यागी ने अखिलेश की बयान पर किया पलटवार

यूपी की सियासत में बयानबाजी ने एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले तंज के बाद अब आरएलडी ने उसी अंदाज में पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

Reported by Vartika Singh and edited by Vartika Singh

UP Election 2027: राष्ट्रीय लोक दल ने सोमवार को कस्बा मुरसान से स्वाभिमान पदयात्रा निकाली। रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष केसी त्यागी की अगुवाई में यह यात्रा शुरू हुई। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय लोकदल की टी शर्ट और कैप भी लॉन्च किया गया। आरएलडी नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर जमकर तंज किया। उन्होंने कहा है कि आरएलडी कोई चवन्नी नहीं, बल्कि महात्मा गांधी की तस्वीर वाली 500 रुपये की नोट है।

चवन्नी नहीं, 500 रुपये की नोट है हम

हाथरस के मुरसान में ‘स्वाभिमान सम्मान पदयात्रा एवं समरसता अभियान’ की शुरुआत के दौरान त्यागी ने कहा, “हम चवन्नी नहीं, महात्मा गांधी की तस्वीर वाली 500 रुपये की नोट है।” दरअसल, अगस्त में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए जयंत चौधरी और आरएलडी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी पार्टी ने ‘चवन्नी का रुपया’ बना दिया, फिर भी वे साथ छोड़कर चले गए। यह टिप्पणी 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान जयंत चौधरी के उस बयान के संदर्भ में थी, जब उन्होंने बीजेपी के साथ जाने की अटकलों के बीच कहा था कि वह कोई ‘चवन्नी’ नहीं हैं, जिसे आसानी से पलटा जा सके। 2022 में एसपी और आरएलडी ने साथ चुनाव लड़ा था। इसके बाद जयंत चौधरी की पार्टी एनडीए में शामिल हो गई और अब वह बीजेपी के साथ गठबंधन में है।

हम पलटी मारने वाले नहीं- केसी त्यागी

केसी त्यागी ने कहा कि आरएलडी और एनडीए का रिश्ता आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आरएलडी के मजबूत होने से एनडीए भी मजबूत होगा। साथ ही उन्होंने खुद को और पार्टी को ‘टर्नकोट’ यानी बार-बार पाला बदलने वाला बताए जाने से इनकार किया। त्यागी ने मुलायम सिंह यादव और चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक प्रभाव को समझते थे, लेकिन अगली पीढ़ी को यह याद नहीं।

यूसीसी पर भी बोले केसी त्यागी

समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर त्यागी ने कहा कि संविधान में इसका प्रावधान है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ड्राफ्ट सामने आने के बाद राज्यों समेत सभी संबंधित पक्षों से बातचीत होनी चाहिए, क्योंकि कानून लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों की भी होगी। केसी त्यागी इसी साल मार्च में JDU छोड़कर आरएलडी में शामिल हुए थे। वह लंबे समय तक में महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और नीतीश कुमार के राजनीतिक सलाहकार जैसे पदों पर रहे हैं। यूपी की राजनीति में अब ‘चवन्नी’ वाला बयान एक बार फिर सुर्खियों में है। फिलहाल पुरानी दोस्ती के बाद दोनों दलों के बीच अब राजनीतिक खटास है।

सीट कोई भी जीते, लेकिन रहेगी एनडीए

केसी त्यागी ने कहा कि हमारी पार्टी में न तो मुलायम सिंह के बेटे हैं और न ओवैसी हैं, लेकिन चुनाव में कितने गुट बनेंगे कहना मुश्किल है। सादाबाद विधानसभा में आरएलडी की जगह बीजेपी का उम्मीदवार बनाए जाने के संबंध में उन्होंने कहा की उम्मीदवार किसी का भी हो, यह सीट किसी के भी खाते में जाए लेकिन रहेगी एनडीए में ही। उन्होंने मौजूद लोगों से कहा कि आपको लगे की कहीं कमल मुरझा रहा है, तो आप वहां पानी के नल की टोटी से ऐसा बढ़िया जल निकालना की तमाम फूल खिल जाएं।

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