Mahoba News: यमुना एक्सप्रेस-वे पर राज कल्पना बस में हुए भीषण अग्निकांड ने महोबा के एक होनहार लाल को छीन लिया। इस हादसे में भाजपा महोबा के जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की धर्मपत्नी सुनीता गुप्ता और उनके ज्येष्ठ पुत्र शशांक गुप्ता की दर्दनाक मौत ने पूरे जिले को शोक में डुबो दिया है। लेकिन इस हादसे में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर आंख को नम कर दिया। मां को अकेला नहीं छोड़ा बताया गया कि शशांक की माताजी सुनीता गुप्ता घुटनों की समस्या के कारण तेज चलने में असमर्थ थीं बस में जब अचानक आग लगी और भगदड़ मची, तो हर कोई अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने लगा। शशांक गुप्ता एक सक्षम और होनहार युवक था। वह इंडिगो एयरवेज में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। वह शारीरिक रूप से पूरी तरह सक्षम था और चाहता तो शीशा तोड़कर आसानी से बाहर निकलकर अपनी जान बचा सकता था। लेकिन उसने अपनी लाचार मां को अकाल मौत के मुंह में अकेला छोड़ना गवारा नहीं किया। मां को बचाते गई जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शशांक अंत तक अपनी मां को बचाने का प्रयास करता रहा। मां को कंधे पर उठाकर बाहर निकालने की जद्दोजहद में वह खुद भी आग की लपटों में घिर गया और मां को बचाते-बचाते खुद भी अपनी जान गंवा बैठा। एक बेटे का मां के प्रति अपने प्रेम कर्तव्य और बलिदान का सर्वोच्च उदाहरण सामने आया है बेटे ने अपनी जान से ऊपर कर्तव्य को रखा। इंडिगो जैसी बड़ी कंपनी में इंजीनियर के पद पर रहते हुए उसने जिले का नाम रोशन किया था। उसके इस तरह चले जाने से न सिर्फ गुप्ता परिवार, बल्कि पूरा महोबा स्तब्ध है। हादसे पर जिले में आक्रोश महोबा विधायक सहित तमाम जनप्रतिनिधियों,व्यापारियों और आम लोगों ने इस हृदय विदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पूरे जिले में शोक की लहर है,साथ ही बिना मानकों के चल रही AC बसो को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है फिटनेस को लेकर लोगों के मन में जिम्मेदार विभाग के प्रति खासी नाराजगी है। ईश्वर दिवंगत मां-बेटे की पुण्यात्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति दे। ये भी पढ़ें: नशे के लिए 60 रुपये नहीं दिए तो बेटे ने कुल्हाड़ी से काटकर की मां की हत्या, 2 घंटे लाश के पास बैठा रहा हत्यारा