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SIR पर देशभर में सियासी घमासान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग! मुंबई से असम तक सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

SIR को लेकर सियासी घमासान तेज है। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस समेत कई संगठनों ने प्रदर्शन किए। भोपाल, असम, महाराष्ट्र और मणिपुर में विरोध दिखा।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Gyanesh Kumar Resignation: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस समेत कई संगठनों ने अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किए हैं। दूसरी ओर, SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम बाहर होने का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

CJP ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने 24 सितंबर को 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग करते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। संगठन ने ‘Election Commission Thik Karo’ अभियान शुरू करने की भी घोषणा की थी। CJP का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए हैं। संगठन ने आयोग से इस प्रक्रिया और सामने आए आंकड़ों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

SIR में 13 करोड़ से ज्यादा नाम बाहर

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR के दौरान 13.37 करोड़ नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में शामिल नहीं किए गए। यह संख्या SIR से पहले के कुल मतदाताओं की तुलना में करीब 14.1 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली और महाराष्ट्र की ड्राफ्ट सूचियों में भी बड़ी संख्या में नाम बाहर हुए हैं। हालांकि, ड्राफ्ट सूची से नाम बाहर होना अंतिम रूप से मतदाता सूची से नाम हटना नहीं माना जाता। प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का प्रावधान रहता है। दिल्ली में भी ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए लोगों को दोबारा नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बताई गई है।

भोपाल में बैरिकेड पार करने की कोशिश

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, जहां पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने पानी की बौछार की। कांग्रेस ने कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा किया।

असम में गौरव गोगोई समेत नेता हिरासत में

असम के गुवाहाटी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे।

महाराष्ट्र में भी प्रदर्शन

महाराष्ट्र में कांग्रेस ने कई शहरों में प्रदर्शन किए। पुणे में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। नागपुर में संविधान चौक से कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया गया। कोल्हापुर में भी जिला प्रशासन के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस नेताओं ने SIR में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम बाहर किए जाने पर सवाल उठाते हुए CEC के इस्तीफे की मांग की। ये राजनीतिक दलों के आरोप हैं; चुनाव आयोग की प्रक्रिया और संबंधित दावों पर अंतिम स्थिति ड्राफ्ट सूची, दावे-आपत्तियों और आगे की आधिकारिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

मणिपुर में भी सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

मणिपुर के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR और चुनाव आयोग को लेकर प्रदर्शन किया। इंफाल ईस्ट, थौबल और चुराचांदपुर में प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता अधिकार और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाए। इस पूरे विवाद के बीच विपक्षी दलों की गतिविधियां तेज हुई हैं और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति को लेकर विपक्षी दलों के बीच बातचीत भी जारी है।

फिलहाल SIR को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रदर्शन जारी हैं। आने वाले दिनों में आयोग की ओर से दिए जाने वाले जवाब और ड्राफ्ट मतदाता सूचियों पर दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया इस विवाद की अगली दिशा तय करने में अहम होगी।

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