उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ में आग का तांडव, तीन मंजिला इमारत बनी मौत का फंदा, 14 लोगों की मौत

लखनऊ के अलीगंज में तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। सीएम योगी लौट रहे हैं, जबकि राहत-बचाव अभियान जारी है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Lucknow Fire Tragedy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को एक दर्दनाक हादसे की गवाह बनी, जब अलीगंज इलाके में स्थित एक तीन मंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। धुएं और आग की लपटों से घिरे लोगों ने जान बचाने के लिए छतों और खिड़कियों का सहारा लिया, जबकि कई लोगों को ऊंचाई से छलांग लगानी पड़ी। रिपोर्ट्स में अबतक 12-15 लोगों की मरने की खबर आ रही है।

कैसे हुआ हादसा

यह हादसा अलीगंज के पुरनिया चौराहे के पास लोक सेवा आयोग के पीछे स्थित एक भवन में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत से उठती लपटों और घने धुएं को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल ने पड़ोसी मकान की दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। घंटों चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

आग लगने पर कई लोग अंदर थे

जानकारी के मुताबिक, इमारत के भूतल पर पालतू पशुओं से जुड़ी दुकान और क्लिनिक संचालित था। ऊपरी मंजिलों पर गोदाम और एक स्टूडियो मौजूद था, जहां बड़ी संख्या में युवा कर्मचारी कार्यरत थे। आग लगने के समय भी कई लोग अंदर मौजूद थे, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

CM ने छोड़ा अलीगढ़ दौरा

हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ लौटने का फैसला किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कार्यों की निगरानी की

घटनास्थल पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पहुंचे और बचाव कार्यों की निगरानी की। फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन हादसे के कारणों की जांच जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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