Prayagraj lawyers FIR: उत्तर प्रदेश में फर्जी एलएलबी डिग्री के जरिए वकालत करने के आरोपों ने बड़ा कानूनी विवाद खड़ा कर दिया है। प्रयागराज पुलिस ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू करते हुए अब तक 39 वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में कुल 105 वकीलों पर फर्जी मार्कशीट के आधार पर नामांकन कराकर सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (COP) हासिल करने का आरोप लगाया गया है। बार काउंसिल की शिकायत सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव के अनुसार, बार काउंसिल के सचिव आर.के. शुक्ला ने पुलिस को औपचारिक शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि कई लोगों ने कथित रूप से जाली एलएलबी मार्कशीट का इस्तेमाल कर बार काउंसिल में पंजीकरण कराया और वकालत शुरू कर दी। इसी शिकायत के आधार पर जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। बाकी आरोपियों पर भी होगी कार्रवाई पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है। अब तक 39 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, जबकि शेष आरोपियों पर भी अगले एक-दो दिनों में एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक मामले की विस्तृत जांच होगी और दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल की जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी कार्रवाई मामले में सहारनपुर निवासी दीपक कश्यप का नाम भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 जून को दिए गए आदेश में निर्देश दिया था कि जिन वकीलों की डिग्री जांच में फर्जी पाई जाए, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। जांच के दौरान दीपक कश्यप द्वारा प्रस्तुत एलएलबी डिग्री को सत्यापन के लिए राजस्थान के पिलानी स्थित श्रीधर यूनिवर्सिटी भेजा गया। विश्वविद्यालय ने अपने रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट किया कि प्रस्तुत मार्कशीट की प्रति फर्जी है। जांच तेज कार्रवाई जारी इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब इस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि फर्जी डिग्रियों के जरिए वकालत करने के आरोप कितने व्यापक हैं और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। ये भी पढ़ें: संसद में अमित शाह का बड़ा दांव! स्पीकर को लिखी चिट्ठी, कहा- NEET मुद्दे पर हर सवाल का जवाब देने को तैयार