Amit Shah Letter: संसद के मानसून सत्र के समापन से ठीक पहले केंद्र सरकार ने NEET परीक्षा और छात्र आंदोलन को लेकर बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह सदन में उपस्थित रहकर विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग करता रहा। इन मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार टकराव देखने को मिला, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। पत्र में क्या बोले अमित शाह? लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में अमित शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू पहले ही बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार की ओर से NEET परीक्षा और छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए सहमति दे चुके हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मौजूदा सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के किसी सांसद ने NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार नहीं रखे। इसके बावजूद सरकार एक बार फिर इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। https://twitter.com/ANI/status/2087469626745614509 विपक्ष सवाल पूछे गृह मंत्री ने अपने पत्र में आग्रह किया कि लोकसभा अध्यक्ष विपक्षी दलों से बातचीत कर आपसी सहमति से चर्चा के लिए समय तय करें। उन्होंने कहा कि जितना समय अध्यक्ष उचित समझें, वह सदन में मौजूद रहकर चर्चा में भाग लेंगे और विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देंगे। लोकतंत्र में संवाद जरूरी अमित शाह ने पत्र में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती चर्चा और संवाद से ही होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद विचार-विमर्श का सर्वोच्च मंच है, जहां पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विपक्ष सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है या फिर संसद में जारी गतिरोध अंतिम दिन भी बरकरार रहता है।