GIMS Hospital : ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आखिरकार 15 दिनों के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को बिना किसी पुलिस सुरक्षा के सामान्य ओपीडी सेवाएं शुरू हुईं। (GIMS Hospital )15 जून से शुरू हुई आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूरा अस्पताल पुलिस की निगरानी में था। सोमवार को ओपीडी पूरी तरह से पुरानी व्यवस्था के अनुसार खुल गई, जिससे सुबह से ही मरीजों की बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बीच, जिम्स निदेशक ने एक बार फिर वीडियो संदेश जारी कर हड़ताली कर्मचारियों से काम पर लौटने की भावुक अपील की है। मरीजों को मिली बड़ी राहत अस्पताल में कामकाज सामान्य होने से दूर-दराज से आए मरीजों ने राहत का अनुभव किया है। सोमवार को ओपीडी में लगभग 1500 मरीजों का इलाज हुआ। दादरी से आए एक मरीज ने कहा कि अगर डॉक्टर इसी तरह शांतिपूर्ण माहौल में मिलते रहें, तो जनता को काफी राहत मिलेगी; हड़ताल के कारण उन्हें दो बार बिना इलाज वापस जाना पड़ा था। इसी तरह, बिलासपुर के मुनीश ने बताया कि वह पिछले दिनों तीन बार अस्पताल आकर बिना डॉक्टर को दिखाए लौट गए थे, लेकिन आज सभी चीजें सामान्य रही और दवाएं आसानी से मिल गईं। भ्रम दूर, काम पर लौटें कर्मचारी जिम्स के प्रमुख डॉ. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता 25 जून से लगातार वीडियो जारी कर कर्मचारियों को कार्य पर लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। (GIMS Hospital ) निदेशक का कहना है कि कई कर्मचारी पहले ही कार्य पर आ चुके हैं और अपनी ड्यूटी संभाल चुके हैं। उन्होंने बताया कि जो कर्मचारी अभी भी भ्रमित हैं, उनके साथ प्रशासन लगातार संवाद कर रहा है। आशा व्यक्त की जा रही है कि सभी कर्मचारी जल्द ही कार्य पर लौट आएंगे, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और भी मजबूती हासिल कर सकेंगी। सर्जरी सेवा जल्द शुरू कर्मचारियों के हड़ताल के चलते अस्पताल में ऑपरेशन (सर्जरी) से संबंधित सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। निदेशक ने कहा है कि जैसे ही अन्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे, रुकी हुई सर्जरी की सुविधा तुरंत शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए प्रबंधन लगातार प्रयासरत है तथा आवश्यक कदम उठा रहा है ताकि गंभीर रोगियों को किसी अन्य अस्पताल का सहारा न लेना पड़े। बिना बाधा इलाज जारी अस्पताल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि ओपीडी की आंतरिक व्यवस्थाएं बिना सुरक्षा पहरे के भी पूरी तरह से संगठित रहें, ताकि दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ की पूरी उपस्थिति के कारण पर्चा काउंटर से लेकर दवा वितरण केंद्र तक सभी लाइनें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। (GIMS Hospital ) मरीजों का कहना है कि पुलिस बल की अनुपस्थिति से अस्पताल का माहौल अब पहले से ज्यादा सहज और तनावमुक्त लग रहा है, जिससे वे बिना किसी संकोच के अपनी बीमारियों का उपचार कराने पहुंच रहे हैं। ये भी पढ़े : नोएडा में बनेंगे 18 Dog shelters, आवारा कुत्तों की समस्या पर बड़ा कदम ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें : https://indiaheadlinestv.com/