उत्तर प्रदेशमहोबा

महोबा के कुएं से निकले 15 सरकारी बिजली मीटर, 27 साल पुराने राज की जांच शुरू

महोबा के बड़ीहाट स्थित बंद कुएं की सफाई में 15 पुराने सरकारी बिजली मीटर मिले। 27 साल पुराने इस रहस्य की जांच शुरू हो गई है। विभाग रिकॉर्ड खंगालकर सच्चाई तलाश रहा है।

Mahoba News: उत्तर प्रददेश में महोबा शहर के बड़ीहाट मोहल्ले में एक दिन पूर्व उस समय सनसनी फैल गई जब एक पुराने कुएं की सफाई के दौरान उसमें से एक दर्जन से अधिक सरकारी बिजली मीटर निकल आए। कुएं की तलहटी से करीब 15 विद्युत मीटर बरामद होने के बाद पूरे इलाके में खलबली मच गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।

कुएं से मीटर बरामद

स्थानीय लोगों के अनुसार, बड़ीहाट मोहल्ले का यह कुआं कई वर्षों से बंद पड़ा था। नगर पालिका द्वारा सफाई अभियान के तहत जब जेसीबी और मजदूरों की मदद से कुएं की गाद निकाली जा रही थी, तभी तह से धातु की वस्तुएं दिखाई दीं। एक-एक कर बाहर निकाले गए तो सभी बिजली के मीटर निकले। सभी मीटर जंग से पूरी तरह खराब हो चुके थे। सूचना मिलते ही विद्युत वितरण खंड महोबा के अधिकारी और कर्मचारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने सभी 15 मीटरों को कब्जे में लेकर सील कर दिया और जांच के लिए विभागीय लैब भेज दिया।

27 साल पुराना राज

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बरामद सभी मीटर एकोरेट कंपनी के हैं। ये मीटर करीब 27 साल पुराने हैं और 1999 के आसपास के बताए जा रहे हैं। इतने लंबे समय तक पानी में डूबे रहने के कारण ये पूरी तरह कंडम हो चुके हैं और इनसे कोई रीडिंग लेना संभव नहीं है। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में मीटरों का कुएं में मिलना किसी सामान्य घटना का संकेत नहीं है। विभाग इसे 25 से 27 साल पहले किसी अराजक तत्व द्वारा की गई शरारत मान रहा है। आशंका है कि उस समय बिल बकाया, चोरी या अन्य कारणों से हटाए गए मीटरों को साक्ष्य मिटाने के लिए कुएं में फेंक दिया गया होगा।

रहस्य से उठे सवाल

विभाग ने सभी मीटरों के सीरियल नंबर नोट कर रिकॉर्ड से मिलान शुरू कर दिया है। पुराने रजिस्टर खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये मीटर किन उपभोक्ताओं के नाम पर थे और इन्हें कब हटाया गया था। दोषियों की पहचान के लिए स्थानीय पुराने कर्मचारियों और उपभोक्ताओं से भी पूछताछ की जाएगी। घटना के बाद से बड़ीहाट मोहल्ले में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। बुजुर्गों का कहना है कि 90 के दशक के अंत में इस क्षेत्र में बिजली चोरी और मीटर गायब होने की शिकायतें आम थीं। अब कुएं से मीटर निकलने के बाद कई पुराने मामले फिर से खुल सकते हैं। फिलहाल विद्युत विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

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