Yamuna Expressway : यमुना एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर रहे किसान संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली सूचना आई है। बिना किसी पूर्व सूचनाके किसानों को मिलने वाली टोल छूट की सुविधा अचानक समाप्त होने से उत्पन्न विवाद फिलहाल समाप्त हो गया है। इस निर्णय के खिलाफ किसान संगठनों ने आज, 3 जुलाई, को जेवर टोल प्लाजा पर एक बड़ा धरना और चक्का जाम करने की योजना बनाई थी। (Yamuna Expressway) हालांकि, किसानों की इस सख्त प्रतिक्रिया पर प्रशासन ने तत्परता से बैठक आयोजित की, जिसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन फिलहाल टालने का निर्णय लिया है। सुविधा बंद, कनारसी में महापंचायत पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने बिना किसी सूचना या नोटिस के किसान संगठनों को मिलने वाली मुफ्त टोल पार करने की सुविधा पर रोक लगा दी। इस निर्णय से नाराज किसानों ने बुधवार को जेवर के कनारसी गांव में 'भारतीय किसान यूनियन भानू संयुक्त मोर्चा' के तहत एक आपात बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान किसान नेताओं ने यमुना विकास प्राधिकरण (येडा) और एक्सप्रेसवे प्रबंधन के इस अधिनायकवादी व्यवहार पर कड़ा विरोध जताया। किसानों का कहना है कि यह उनके अधिकारों पर हमला है और वे इसके खिलाफ सड़कों पर उतरने से संकोच नहीं करेंगे। इसी बैठक में 3 जुलाई को जेवर टोल प्लाजा को घेरने की योजना बनाई गई थी। आंदोलन की चेतावनी पर मैराथन बैठक किसान संगठनों द्वारा टोल प्लाजा बंद करने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एक्सप्रेसवे पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को असुविधा न होने देने के लिए गुरुवार को यमुना अथॉरिटी के मीटिंग हॉल में एक त्रिपक्षीय (तीन पक्षों की) महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस मीटिंग में एक ओर किसान संगठनों के प्रतिनिधि थे, जबकि दूसरी ओर यमुना अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारी और टोल संचालन कर रही कंपनी के प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक में किसानों ने अपनी मांगों को बहुत दृढ़ता से प्रस्तुत किया। माहौल को समझते हुए और किसानों की नाराजगी को कम करने के लिए अधिकारियों ने एक समाधान निकाला। Yamuna Expressway) अधिकारियों ने किसान संगठनों की मांगों से सहमति जताते हुए आश्वासन दिया कि एक्सप्रेसवे पर किसानों को मिलने वाली टोल छूट की सुविधा तुरंत प्रभाव से दोबारा चालू कर दी जाएगी। धरना स्थगित, 9 जुलाई पर निगाहें अथॉरिटी और टोल कंपनी द्वारा टोल सुविधा को तुरंत पुनर्स्थापित करने के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद किसान संगठनों ने 3 जुलाई को होने वाले अपने प्रस्तावित प्रदर्शन को टालने का बड़ा कदम उठाया है। हालांकि, यह समझौता अभी पूरी तरह से स्थायी नहीं है। मामले का अंतिम और मजबूत समाधान निकालने के लिए आगामी 9 जुलाई को एक बार फिर से संयुक्त बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में किसान संगठनों, यमुना अथॉरिटी और टोल कंपनी के अधिकारी मिलकर नीति का निर्धारण करेंगे। किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश में जितनी भी मुख्य सड़कें और एक्सप्रेसवे बने हैं, वे सभी किसानों की भूमि के अधिग्रहण से बनाए गए हैं। ऐसे में किसानों से टैक्स वसूलना या उनकी सुविधाओं को छीनना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।Yamuna Expressway) अभी, टोल सुविधा शुरू होने से एक्सप्रेसवे पर स्थिति सामान्य बनी हुई है। ये भी पढ़े : Gb University Result : जीबीयू की लॉ, MBA और BTech सीटें पहले राउंड में फुल ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें : https://indiaheadlinestv.com/