CJP Protest: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद देशभर से हजारों छात्र और युवा सुबह से प्रदर्शन स्थल पर जुट रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उच्चारण कर रहे हैं। वार्ता का प्रयास और पुलिस की कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास को दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (DCP) के कार्यालय लेकर गई है। इस मामले पर सौरव दास ने कहा कि प्रशासन सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खोजने की कोशिश कर रहा है और इस समय दोनों पक्षों के बीच संवाद की प्रक्रिया चल रही है। सुरक्षा सख्त, इंटरनेट बंद और हल्का बल प्रयोग दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर मार्च करने से रोकने के लिए मध्य दिल्ली के कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है और कई मेट्रो स्टेशनों और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के निकट संसद मार्ग की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) किया, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। पत्थर से लदे ट्रक पर CJP का सवाल जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के निकट एक ट्रक में पत्थर भरे होने पर CJP नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर संदेह व्यक्त किया है। पार्टी के अधिकारियों ने प्रशासन से यह जानना चाहा है कि संवेदनशील प्रदर्शन क्षेत्र के समीप पत्थरों से भरे ट्रक को खड़ा करने की क्या जरूरत थी। सोनम वांगचुक का शांतिपूर्ण संदेश प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने प्रदर्शनकारियों के लिए एक विशेष संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सभी समर्थकों का धन्यवाद किया है और आंदोलन को पूरी तरह से शांतिपूर्ण रखने की अपील की है। इसके साथ ही CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखने का आग्रह किया। विपक्षी दलों का मिला जोरदार समर्थन आंदोलन का समर्थन कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने किया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने जंतर-मंतर पर जाकर आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को बलात अनशन से हटाने के कारण छात्रों में बड़ा गुस्सा है। इसी बीच, आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा भी समर्थन में आए। इसके अलावा, शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर संसद मार्ग पर जाने से रोका जाए, तो प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट या ईडी कार्यालय की तरफ बढ़ना चाहिए। ये भी पढ़े : CJP Protest : जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षाबल तैनात, शिक्षा सुधारों और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च आज