Use Of Pellet Guns: संसद मार्च 20 जुलाई के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद दिल्ली में सुरक्षा बलों के तौर-तरीकों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि उन पर पैलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया। यदि इन दावों की पुष्टि होती है, तो राष्ट्रीय राजधानी में आम नागरिकों पर ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल का यह पहला दर्ज मामला माना जा सकता है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें भ्रामक और निराधार बताया है। पैलेट निकालने की सर्जरी रिपोर्ट के अनुसार, संसद मार्च के दौरान घायल हुए करीब 80 से अधिक प्रदर्शनकारियों में शामिल 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी का इलाज लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। अस्पताल से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि उनके शरीर से कई पैलेट निकाले गए हैं, जबकि गर्दन में फंसा एक पैलेट रक्त वाहिका के बेहद करीब होने के कारण अभी नहीं निकाला जा सका है। डॉक्टरों का कहना है कि इसके लिए आगे एक और सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। https://twitter.com/DeshrajMeenaIN/status/2079260730818515263 दिल्ली पुलिस की सफाई मंसूरी के साथ मौजूद लोगों का आरोप है कि उन्हें पालीका बाजार के पास तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान ने निशाना बनाया था। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक महिला को कथित तौर पर शॉक बैटन से झटका दिए जाने का दावा किया गया। इन दावों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन इस्तेमाल किए जाने की खबरें पूरी तरह झूठी और गुमराह करने वाली हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। पुराने मामलों की याद रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले 2024 के किसान आंदोलन, 2023 की मणिपुर हिंसा और 2016 में जम्मू-कश्मीर के दौरान भी पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं। इस बीच, अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों की संख्या बढ़कर 83 हो गई है, जिनमें प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। वहीं, अन्य घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। ये भी पढ़ें: संसद सत्र के बीच दिल्ली हाई अलर्ट, बंगाल से बुलाई गई CRPF की 20 टुकड़ियां