भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 31 जुलाई को कारोबार की शुरुआत सकारात्मक ग्लोबल संकेतों के दम पर हुई, लेकिन सुबह के सत्र में ही बेंचमार्क इंडेक्स अपने शुरुआती उछाल का बड़ा हिस्सा गंवा बैठे और सीमित दायरे में झूलते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में रात को आई तेज रैली, एशियाई बाजारों में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद निवेशक सतर्क रुख अपनाते दिखे। कैसी रही शुरुआत गुरुवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 273.55 अंक यानी 0.35% चढ़कर 77,928.15 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 में 66.95 अंक यानी 0.28% की तेजी दर्ज हुई और यह 24,317.15 के स्तर पर टिका। गिफ्ट निफ्टी के संकेतों को देखते हुए शुक्रवार को भी बाजार में गैप-अप ओपनिंग की उम्मीद थी। सुबह करीब सवा दस बजे सेंसेक्स 78,000 अंक के करीब कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,350 के ऊपर बना रहा। हालांकि शुरुआती बढ़त के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और इंडेक्स मुनाफा-नुकसान के बीच झूलते रहे, जिससे साफ है कि निवेशक अभी किसी बड़े ट्रिगर के इंतजार में हैं। कौन से सेक्टर चमके, कौन पिछड़े आज के कारोबार में सेक्टोरल तस्वीर मिलीजुली रही। ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज और फाइनेंशियल एक्स-सर्विसेज शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा रियल्टी, फार्मा और मीडिया शेयरों में भी अच्छी लिवाली का रुख रहा। दूसरी तरफ आईटी सेक्टर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव बनकर उभरा, जिसमें 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। एफएमसीजी शेयरों पर भी बिकवाली हावी रही। बैंकिंग शेयर ज्यादातर स्थिर रहे, हालांकि पीएसयू बैंकों ने प्राइवेट बैंकों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। बैंक निफ्टी में हल्की नरमी देखी गई और यह करीब 0.10% की मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। गुरुवार के सत्र में निफ्टी ऑटो सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा था, जिसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा, आयशर मोटर्स और मारुति सुजुकी की मजबूती के दम पर 1.6% की तेजी दर्ज हुई थी। FII-DII गतिविधि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी लगातार तीसरे सत्र में जारी रही। गुरुवार को FII ने 3,623.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बिकवाल बने रहे और उन्होंने 1,864.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। ग्लोबल संकेत और कच्चा तेल एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई तेज उछाल के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सेंग मामूली दबाव में रहा। कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी ने घरेलू निवेशकों को कुछ राहत दी, हालांकि ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव अब भी बाजार के लिए जोखिम बने हुए हैं। आगे क्या बाजार के जानकारों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,300-24,400 का दायरा फिलहाल अहम बना हुआ है। जब तक कोई ठोस घरेलू या वैश्विक ट्रिगर सामने नहीं आता, तब तक बाजार में सीमित दायरे का कारोबार जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर आगे आने वाले तिमाही नतीजों, क्रूड की चाल और FII प्रवाह पर टिकी रहेगी। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न समझा जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। आपकी राय में आज के कारोबार में किस सेक्टर पर सबसे ज्यादा नजर रखनी चाहिए? कमेंट में बताएं।