Ashish Banerjee Suspicious Death: पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मौके से एक हस्तलिखित पत्र भी बरामद किया है। शुरुआती तौर पर इसे सुसाइड नोट माना जा रहा है, हालांकि पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है और पत्र की भी पड़ताल की जा रही है। नोट में राजनीति से दूरी की सलाह बरामद पत्र में आशीष बनर्जी ने किसी व्यक्ति को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया। उन्होंने तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से खुद को अलग बताया। पत्र में उन्होंने दावा किया कि TRDA में उनके पास कोई प्रत्यक्ष प्रशासनिक या वित्तीय अधिकार नहीं था। वह केवल बैठकों में शामिल होते थे और टेंडर कमेटी, चेक सत्यापन, योजना मंजूरी या एनओसी जारी करने जैसे कामों में उनकी भूमिका नहीं थी। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें इन मामलों में घसीटने की कोशिश की गई और उन्होंने अपने खिलाफ लगाई गई बदनामी वाली बातों का विरोध किया था। सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस कथन की हो रही है, जिसमें उन्होंने राजनीति में आने को अपनी गलती बताया। उन्होंने परिवार की युवा पीढ़ी को भविष्य में राजनीति से दूर रहने और अपने-अपने पेशे पर ध्यान देने की सलाह दी। शिक्षक से बने दिग्गज राजनेता आशीष बनर्जी पेशे से शिक्षक रहे और बाद में पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय हुए। वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे और ममता बनर्जी सरकार में शिक्षा तथा कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। वर्ष 2021 में वह पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर चुने गए थे। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें रामपुरहाट सीट पर बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने TMC की बीरभूम कोर कमेटी से भी इस्तीफा दिया था। जांच के बाद साफ होगी तस्वीर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत की परिस्थितियों, बरामद पत्र और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है। पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। ये भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी! ईमेल मिलते ही खाली कराया गया परिसर