भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भी गिरावट का सिलसिला थमता नजर नहीं आया। वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड्स में तेजी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों की सतर्कता बरकरार रही, जिससे बेंचमार्क सूचकांक लगातार चौथे सत्र में दबाव में कारोबार करते नजर आए। आज के बाजार का हाल आज सुबह सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट स्तर पर खुले थे। बीएसई सेंसेक्स 17.41 अंक की मामूली गिरावट के साथ 77,218.05 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 भी 2.85 अंक फिसलकर 24,152.05 पर खुला। हालांकि कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ता गया। दोपहर 2 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 359.86 अंक यानी 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,875.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50, 109.20 अंक यानी 0.45 प्रतिशत गिरकर 24,045.70 पर था। पिछले सत्र में सेंसेक्स 77,235.46 और निफ्टी 24,154.90 पर बंद हुआ था। गिरावट की वजह आज की कमजोरी के पीछे मुख्य वजह वैश्विक बॉन्ड यील्ड्स में तेजी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता रही। एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला — अमेरिकी शेयर बाजार के अपने रिकॉर्ड स्तर से और नीचे आने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में गिरावट लौटने के बाद जापान का निक्केई करीब 2.60 प्रतिशत तक टूट गया। टॉप गिरावट वाले शेयर आज के कारोबार में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और महिंद्रा एंड महिंद्रा निफ्टी 50 में टॉप लूजर रहे। मेटल और ऑटो जैसे कमोडिटी-लिंक्ड सेक्टरों पर खासतौर से दबाव देखा गया। सेक्टोरल तस्वीर सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी केमिकल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा टूटने वाले सूचकांक रहे। इसके उलट, निफ्टी आईटी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा और सबसे कम गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा — दिन की शुरुआत में एचसीएल टेक, इंफोसिस, इटरनल, सन फार्मा और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में बढ़त इसी रुझान को दर्शाती है। ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप 0.19 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। एफआईआई-डीआईआई गतिविधि पिछले सत्र (18 अगस्त) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹1,651.53 करोड़ की और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,579.31 करोड़ की खरीदारी की — यानी दोनों तरफ से बाजार को कुछ सहारा मिला, हालांकि यह वैश्विक दबाव को पूरी तरह बेअसर करने के लिए काफी नहीं रहा। आगे की राह बाजार की चाल फिलहाल वैश्विक संकेतों, खासकर बॉन्ड यील्ड्स और भू-राजनीतिक हालात पर टिकी है। जब तक इनमें स्थिरता नहीं आती, निवेशकों को उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि आईटी सेक्टर में दिख रही मजबूती बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकती है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। क्या आपको लगता है कि आईटी सेक्टर की मजबूती बाजार को इस गिरावट के सिलसिले से बाहर निकाल पाएगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।