भारत

आखिरी सोमवारी पर सिंहेश्वर धाम में मची अफरातफरी, बैरिकेडिंग टूटी, धक्का-मुक्की में कई श्रद्धालु घायल

सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू हो गई। बैरिकेडिंग टूटने से धक्का-मुक्की हुई, करीब आधा दर्जन श्रद्धालु और एक पुलिसकर्मी घायल हुए।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Bihar Singheshwar Temple: बिहार के मधेपुरा स्थित प्रसिद्ध सिंहेश्वर धाम में सावन की अंतिम सोमवारी पर सोमवार को भारी भीड़ के चलते अचानक अफरातफरी मच गई। जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ कतार में दबाव बढ़ा और देखते ही देखते धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। भीड़ के दबाव में प्रशासन की बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे कई श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए।

रात से उमड़ी भीड़

जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 1 बजे सरकारी पूजा पूरी होने के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। इसके बाद रात से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। सुबह तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही। करीब 8 बजे के बाद जलाभिषेक के लिए आने वाले लोगों की संख्या अचानक बढ़ गई, जिसके बाद कतार में अफरातफरी शुरू हो गई।

बैरिकेडिंग टूटते ही बिगड़ी स्थिति

भीड़ का दबाव बढ़ने पर मंदिर परिसर में लगी बैरिकेडिंग टूट गई। कतार के बिखरने से श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और कई लोग एक-दूसरे से टकराकर गिर पड़े। इस दौरान करीब आधा दर्जन श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गया। बताया गया कि भीड़ के दबाव में उसकी वर्दी तक फट गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मोर्चा संभाला। मधेपुरा के डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ समेत कई अधिकारी मंदिर परिसर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया और श्रद्धालुओं को दोबारा व्यवस्थित कतार में लगाया गया।

घायलों को अस्पताल भेजा गया

हादसे में घायल श्रद्धालुओं को तत्काल जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। घायलों में सहरसा के सोनबरसा क्षेत्र की रूना देवी, सुपौल के मानगंज निवासी सिन्टू कुमार, सिपाही सिद्धांत कुमार और सुलेना देवी समेत अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। अधिकारियों ने भीड़ की स्थिति पर नजर रखते हुए सुरक्षित तरीके से जलाभिषेक जारी रखने की व्यवस्था की।

ये भी पढ़ें: अमरावती के महिला अस्पताल में बड़ा हादसा, वेंटिलेटर फटने से NICU में आग, 3 नवजातों की मौत

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »