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स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई चिंता, उत्तराखंड में 49 मामले, 5 की मौत

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर 49 हुए, पांच संक्रमितों की मौत से चिंता बढ़ी। देहरादून में सर्वाधिक 34 मामले, स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रीनिंग और निगरानी तेज की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Swine Flu in Uttarakhand: उत्तराखंड में इंफ्लुएंजा एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक 49 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि इनमें से पांच संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मृतकों को पहले से अन्य गंभीर बीमारियां थीं।

31 से बढ़कर 49 हुई संक्रमितों की संख्या

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक अगस्त से अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है। संक्रमित मरीजों की संख्या 31 से बढ़कर 49 हो गई है। इनमें सबसे अधिक 34 मामले देहरादून से सामने आए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।

हर जिले में रैपिड रिस्पॉन्स टीम सक्रिय

एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के राज्य सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज के अनुसार, जिन क्षेत्रों से संक्रमण के मामले सामने आए हैं, वहां माइक्रो लेवल पर जांच की जा रही है। सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय हैं। इन टीमों में फिजिशियन, विशेषज्ञ समेत चार स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं।

मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री भी खंगाली जा रही

स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की पिछले 10 से 15 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री भी जांच रहा है। साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर एच1एन1 की जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमण की संभावित चेन को समय रहते रोका जा सके।

पहले से बीमार मरीजों पर खास नजर

स्वास्थ्य विभाग ने को-मॉर्बिड मरीजों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इनमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, सांस और हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोग शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एच1एन1 से जान गंवाने वाले पांचों मरीज पहले से अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।

लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें

विशेषज्ञों के मुताबिक अचानक बुखार, ठंड लगना, खांसी, नाक बहना, सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी या अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति और उसके संपर्क में आए लोगों को आवश्यक सावधानी और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को एडवाइजरी जारी कर दी है और संक्रमण से निपटने के लिए निगरानी व तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

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