Cockroach Janata Movie Title: देशभर में चर्चा का विषय बने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के जंतर-मंतर आंदोलन पर अब फीचर फिल्म बनने जा रही है। NEET पेपर लीक विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए इस आंदोलन ने जिस तरह राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ी थी, अब उसी घटनाक्रम को सिनेमाई अंदाज में दर्शकों के सामने लाने की तैयारी शुरू हो गई है। क्या होगा नाम फिल्म का आधिकारिक नाम 'द एक्सीडेंटल कॉकरोच पार्टी' (The Accidental Cockroach Party) तय कर लिया गया है और इसे औपचारिक रूप से रजिस्टर भी करा दिया गया है। इस घोषणा के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। आंदोलन की कहानी से पर्दे के पीछे तक फिल्म से जुड़े लोगों का दावा है कि यह सिर्फ विरोध-प्रदर्शन की घटनाओं को नहीं दिखाएगी, बल्कि उन परिस्थितियों, रणनीतियों और घटनाओं को भी सामने लाएगी, जिन्होंने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। निर्माताओं का कहना है कि दर्शकों को आंदोलन के कई ऐसे पहलुओं से रूबरू कराया जाएगा, जिन पर अब तक सार्वजनिक रूप से ज्यादा चर्चा नहीं हुई। इस प्रोजेक्ट की स्क्रिप्ट पर जयपुर के लेखक गोविंद देव 'ब्रह्म' लंबे समय से काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने विभिन्न स्रोतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विस्तृत रिसर्च के बाद कहानी तैयार की है। फिलहाल पटकथा को अंतिम रूप देने का काम जारी है। 20 करोड़ से अधिक का बजट निर्माताओं के अनुसार, यह किसी डॉक्यूमेंट्री या छोटे प्रोजेक्ट की बजाय बड़े पैमाने पर बनने वाली फीचर फिल्म होगी। फिल्म का अनुमानित बजट 20 करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है। निर्माण टीम शूटिंग की संभावित लोकेशन तय करने और प्री-प्रोडक्शन से जुड़े अन्य कामों में जुटी हुई है। स्टार कास्ट पर मंथन जारी फिल्म के निर्देशक, मुख्य कलाकारों और सह-निर्माताओं को लेकर भी तैयारियां तेज हैं। जानकारी के मुताबिक, मुंबई में कई फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। हालांकि, अभी तक किसी अभिनेता या निर्देशक के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 2027 में रिलीज का लक्ष्य यदि सभी तैयारियां तय समय पर पूरी होती हैं, तो फिल्म को 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है। निर्माता इसे एक ऐसी राजनीतिक-ड्रामा फिल्म के रूप में पेश करना चाहते हैं, जो केवल घटनाओं का चित्रण ही नहीं, बल्कि उस दौर के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को भी दर्शकों के सामने रखे। फिल्म की घोषणा के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह प्रोजेक्ट दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगा और आंदोलन से जुड़े अनछुए पहलुओं को प्रभावी ढंग से सामने ला सकेगा। इसकी तस्वीर आने वाले महीनों में स्टार कास्ट और ट्रेलर जारी होने के बाद और स्पष्ट होगी। ये भी पढ़ें: नीली जर्सी की जगह भगवा क्यों? भारतीय हॉकी की नई पहचान पर छिड़ी बहस